प्रतिक्रिया: सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर रोष, सरकार व पुलिस के महिला सुरक्षा के दावों पर उठाए सवाल
हल्द्वानी। देहरादून आईएसबीटी में किशोरी के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बरता ने सरकार और पुलिस के महिला सुरक्षा के दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। भाकपा (माले) की नैनीताल शाखा ने यह आरोप लगाया है। पार्टी ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा है कि सरकारी बस अड्डे और सरकारी बसों के निरंतर आवागमन वाली जगह पर इस तरह सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद चिंताजनक और सिहरन पैदा करने वाली है। पूरा देश इस समय कोलकाता, रुद्रपुर, मुज़फ़्फ़रपुर में दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं से दहला हुआ है और पूरे देश में लोग सड़क पर उतर कर अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। लग रहा था कि सामूहिक रूप से लोगों के उठ खड़े होने से इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगेगी और ठीक उसी बीच इस तरह की सामूहिक दुष्कर्म की घटना दहला कर रख देती है। पार्टी कहा है कि पिछले दस वर्षों के भाजपा के मोदी शासन में पूरे देश में महिलाओं पर हमले बढ़े हैं। असल में भाजपा का पूरा चरित्र ही महिला विरोधी है। आज आशाराम बापू और रामरहीम जैसे बलात्कारियों को पेरोल पर रिहा किया जा रहा है। बिलकिस बानो के बलात्कारियों व हत्यारों का भाजपा द्वारा महिमामंडन किया गया था। पार्टी ने राज्य सरकार से यौन हमले की शिकार बनी सभी पीड़िताओं के परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व उन्हें उचित मुआवजे देने की मांग की है ।

