शिकंजा: 3 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनाकर ठगी करने का आरोपी

शिकंजा: 3 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनाकर ठगी करने का आरोपी
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पुलिस ने नकली पासपोर्ट का किया आवेदन, तब पकड़ा गया जालसाज

हल्द्वानी। विदेश भेजने और फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनाने का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी करने का आरोपी तीन साल बाद गुरुवार को पुलिस के हत्थे चढ़ा। वर्ष 2022 में रामनगर कोतवाली में यूपी के बिजनौर निवासी अफजाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वह दुबई में जाकर छिप गया था। जांच टीम ने फर्जी पासपोर्ट बनवाने के बहाने उससे संपर्क किया, साथ ही लुकआउट नोटिस भी जारी कराया। दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। रामनगर पुलिस ने 2022 में क्षेत्र के ही रहने वाले शहजाद हुसैन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि पासपोर्ट और वीजा बनाकर विदेश भेजने के नाम पर बिजनौर जिले के शेरकोट कस्बा स्थित मोहल्ला अफगानान निवासी मोहम्मद अफजल ने 73 हजार रुपये ठगे थे। उसके बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था। रामनगर में तैनाती के दौरान चूंकि मामले की जांच एसआई दीपक सिंह बिष्ट कर रहे थे, इसलिए उनके हल्द्वानी तबादले के बाद भी यह जांच हल्द्वानी की टीपीनगर पुलिस चौकी के प्रभारी दीपक सिंह बिष्ट के पास ही रही। कोर्ट से कई बार गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी किए गए। पेश नहीं होने पर आरोपी की संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई। पुलिस को जब पता चला कि आरोपी दुबई चला गया है तो उसके खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय से लुकआउट नोटिस जारी कराया गया। इसके बाद विवेचना अधिकारी बिष्ट ने आरोपी को दबोचने के लिए एक तरकीब निकाली। उन्होंने फर्जी तौर पर पासपोर्ट और वीजा बनाने के बहाने अपनी पहचान छिपाते हुए आरोपी से संपर्क किया तो वह इस काम के लिए भारत लौटने को तैयार हो गया। इसी बीच आरोपी के नवजात बेटे की किन्हीं कारणों से मौत हो गई। इससे पहले जांच अधिकारी भी फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनवाने के लिए आरोपी को विश्वास में ले चुके थे। इन सभी कारणों के चलते आरोपी दुबई से भारत लौटा और दिल्ली इमीग्रेशन पर ही एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। गुरुवार को टीपीनगर चौकी पुलिस ने दिल्ली पहुंचकर आरोपी को सुपुर्दगी में लिया और हल्द्वानी लाकर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।

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