भंडाफोड़: दून पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, अन्तर्राष्ट्रीय साइबर फ्राड गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने आठ साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों द्वारा स्वयं को इंटरनेशनल एन्टी हैकिंग डिपार्टमेंट का वरिष्ठ अधिकारी बताकर यू.एस.ए. तथा कनाडा के नागरिकों के साथ स्कैम किया जा रहा था। उनके कब्जे से 81 लैपटॉप, 42 मोबाइल फोन, 29 डेस्कटॉप, 5 वाई-फाई राऊटर व अन्य उपकरण बरामद हुए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि बीते रोज थाना राजपुर पुलिस को सूचना मिली कि राजपुर क्षेत्र आईटी पार्क के पास स्थित सायनोटेक बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है तथा उक्त कॉल सेंटर से विदेशी लोगों के साथ ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने बीती रात आई.टी. पार्क में चल रहे उक्त कॉल सेन्टर (ग्लोबल टेक एनर्जी सॉल्यूशन) पर दबिश दी गई तो मौके पर लगभग 100 केबिन का एक कॉल सेन्टर का संचालन किया जा रहा था, जहां पर अलग-अलग कैबिनों में बैठे युवक-युवतियों द्वारा सिस्टमों के माध्यम से कॉल्स अटैंड की जा रही थीं, जो स्वंय को इंटरनेशनल एंटी हैकिंग डिपार्टमेंट का प्रतिनिधि बताकर लोगों से उनके कम्पयूटर सिस्टम से हैकिंग हटाने के नाम पर उनके बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मौके पर पुलिस द्वारा उक्त कॉल सेन्टर संचालित कर रहे 8 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने पूछताछ में अपना नाम मिहिर अश्विन भाई पटेल पुत्र अश्विन भाई पटेल, ललित उर्फ रोडी पुत्र अशोक कुमार, आमीर सुहेल पुत्र अब्दुल वहाब, मनोज मीरपुरी पुत्र चन्दू, अंकित सिंह पुत्र अशोक कुमार सिंह, कौशिक जाना पुत्र विकास जाना, शिवम दुबे पुत्र अश्विन कुमार दुबे व गोस्वामी हेत भारती पुत्र राजेश भाई बताया। मुख्य आरोपी मिहिर अश्वनी भाई पटेल व ललित उर्फ रोडी द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा उक्त फर्जी कॉल सेन्टर संचालित किया जा रहा है, जिसमें वे लोग यू.एस.ए. व कनाडा के लोगों को टारगेट करते हैं, उनके द्वारा लोगों से सम्पर्क कर स्वंय को इंटरनेशनल एन्टी हैकिंग एजेन्सी का अधिकारी बताकर उनके कम्प्यूटर सिस्टम के हैक होने तथा किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा उसका एक्सेस प्राप्त कर इस्तेमाल किये जाने की जानकारी दी जाती है तथा उसे ठीक करने के लिये उन्हें पॉप अप मैसेज के माध्यम से उनके सिस्टमों का एक्सेस प्राप्त किया जाता है तथा उनके सिस्टमों का कन्ट्रोल लेकर उनके बैंक खाते से एंटी हैकिंग सर्विस के नाम पर स्कैम किया जाता है। उक्त पॉप अप मैसेजों को उनकी एक अन्य टीम, जो यू.एस.ए. में है, के द्वारा भेजा जाता है तथा उक्त टीम द्वारा ही पॉप अप कैम्पेन को रन करते हुए पैसों के लेन-देन का हिसाब रखा जाता है। उनके कब्जे से 81लैपटॉप, 42 मोबाइल फोन, 106 लैपटॉप चार्जर, 126 माउस सहित अन्य कई सामान बरामद किये गये हैं।

