खा़स खबर: भारत के परिवहन निगम को चूना लगा रहीं नेपाल की बसें

खा़स खबर: भारत के परिवहन निगम को चूना लगा रहीं नेपाल की बसें
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चंपावत।  भारत के परिवहन निगम को मैत्री सेवा के नाम पर नेपाल की बसें चूना लगा रही हैं। यह बसें नेपाल के महेंद्रनगर से क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रही हैं। साथ ही डग्गामार बसें, मैक्स आदि वाहन बनबसा से सवारियां ढ़ो रही हैं। नेपाल की बसों के सवारी ढ़ोने से भारतीय रोडवेज को बीते आठ साल में चार करोड़ की चपत लगी है। साल 2016 में भारत और नेपाल देशों के बीच मैत्री सेवा शुरू की गई थी। ताकि भारत नेपाल के बीच रोटी-बेटी के संबंधों को और मजबूत किया जा सके। लेकिन मैत्री सेवा के नाम पर नेपाल की कुछ बसें भारतीय रोडवेज को चूना लगा रही हैं। परिवहन निगम से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल की पांच से अधिक रोडवेज बसें क्षमता से अधिक सवारियों को ढ़ो रही हैं। 48 सीट क्षमता वाली बसों में 60-70 सवारियां ढोई जा रही हैं। यह बसें नेपाल के महेंद्रनगर से ओवरलोड सवारियों को लेकर देहरादून और दिल्ली तक छोड़ जाती हैं। इससे भारत के परिवहन निगम को हर दिन दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पूर्व में भी इस तरह की घटना को लेकर परिवहन निगम ने नेपाल से दिल्ली- देहरादून चलने वाली बसों का संचालन बंद कर दिया था। इधर, कुछ निजी वाहन चालक भी डग्गामारी कर परिवहन निगम को चूना लगाने का कार्य कर रहे हैं। टनकपुर के आरएम पवन मेहरा ने डग्गामारी रोकने के लिए एआरटीओ से कार्रवाई की मांग की है।

‘मैत्री सेवा की पांच से अधिक बसें परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही हैं। यह बसें क्षमता से अधिक सवारियों को ढो रही हैं। इससे परिवहन निगम को हर दिन दो लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। डग्गामारी रोकने को एआरटीओ से अनुरोध किया गया है।’
– पवन मेहरा, आरएम, उत्तराखंड परिवहन निगम, टनकपुर।

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