शाबाश: देवदूत बना पुलिस जवान हरीश सिंह गुसाईं, अपनी जान पर खेल कर बचा ली डूब रहे कांवड़िए की जान

शाबाश: देवदूत बना पुलिस जवान हरीश सिंह गुसाईं, अपनी जान पर खेल कर बचा ली डूब रहे कांवड़िए की जान
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ऋषिकेश। रविवार सुबह मध्य प्रदेश से आया एक कांवड़िया यहां गंगा में डूबने लगा। इन दिनों भारी बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। कांवड़िया नदी में करीब 400 मीटर दूर तक बहता चला गया। इसी बीच जल पुलिस के हेड कांस्टेबल हरीश सिंह गुसाईं ने जान की परवाह न करते हुए उफनती गंगा में छलांग लगा दी और हेड कांस्टेबल गुसाईं अपनी जान पर खेलकर इस कांवड़िए को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाए। त्रिवेणी घाट पर फूल बेचने वाले युवक पवन ने भी उसे नदी से बाहर निकालने में मदद की। त्रिवेणी घाट पुलिस स्टेशन प्रभारी प्रकाश पोखरियाल ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए नीलकंठ महादेव मंदिर जा रहे हैं। कई श्रद्धालु त्रिवेणी घाट में गंगा स्नान के लिए आते हैं। रविवार के रोज यहां पर काफी भीड़ थी, एक कांवड़िया जल लेने के लिए गंगा में गया और वह पानी के तेज बहाव के साथ बहने लगा। मौके पर मौजूद जल पुलिस के हेड कांस्टेबल हरीश सिंह गुसाईं ने उसे बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दी। जिसे रस्सी के सहारे किसी तरह से बाहर निकाला गया। कांवड़िये की पहचान गणेश (34 वर्ष) पुत्र जगदीश, ग्राम सीगान ईशानगर, छतरपुर मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। वह अपने साथियों के साथ यहां आया था। शहर में हेड कांस्टेबल हरीश सिंह गुसाईं के इस अदम्य साहस की बहुत तारीफ़ हो रही है।

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