प्रयास: स्वयं सहायता समूह की नई पहल, स्टाल लगाकर बेची स्थानीय ककड़ी (खीरा)

प्रयास: स्वयं सहायता समूह की नई पहल, स्टाल लगाकर बेची स्थानीय ककड़ी (खीरा)
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उत्तरकाशी। विकास खण्ड नौगॉव एवं भटवाड़ी की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मुख्य मुख्य विकास अधिकारी जय किशन के निर्देशन मे रीप परियोजना के सहयोग से सामूहिक विपणन योजना तैयार कर स्टाल के माध्यम से स्थानीय खीरा (ककड़ी )की बिक्री की गई। जहां बाजार में खीरा 40 रुपए प्रति किलो की दर से ग्राहक को उपलब्ध हो पा रहा है। वहीं दूसरी ओर कृषको को मात्र 15 रुपए प्राप्त हो रहे हैं। इसी को देखते हुए महिलाओं द्वारा आपसी तालमेल बैठा कर नौगांव से खरीद कर जनपद मुख्यालय में उचित दाम पर विपणन की योजना तैयार की गई, जिसमें प्रथम दिन 10 क्विंटल खीरा (ककड़ी ) बिक्री किया गया । हर पैकिंग 2 किलो की मात्रा में खीरा (ककड़ी ) ग्राहकों को उपलब्ध कराया गया। इससे ग्राहों को कम दाम पर स्थानीय खीरा (ककड़ी) प्राप्त हुई, वहीं महिलाओं को बिक्री का अधिक दाम प्राप्त हुआ। स्वयं सहायता महिलाओं द्वारा बताया गया कि इस पहल से उनमें व्यापार की समझ एवं आत्मविश्वास बढ़ा है। आगे भी इसी प्रकार से सामूहिक विपणन का कार्य किया जायेगा जिसके अंतर्गत देहरादून, ऋषिकेश बाजार की मंडियों में स्वयं स्थानीय फसल सब्जी आदि के विपणन हेतु योजना तैयार की जायगी।

इस मौक़े पर मुख्य विकास अधिकारी जय किशन द्वारा महिलाओं का उत्साह वर्द्धन करते हुए कहा गया कि स्वयं सहायता समूह को बिक्री हेतु विकास भवन कैंटीन परिसर में महिलाओं को स्थानीय उत्पाद बेचने हेतु स्थान उपलब्ध कराया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की पहल से महिलाएँ आत्मनिर्भर होकर स्वयं अपने उत्पादों का दाम निर्धारित कर अच्छा लाभ कमा सकती हैं, साथ ही खेती किसानी के साथ–साथ व्यापारिक गतिविधियों में भी अपना योगदान दे सकती हैं। इससे जनपद में अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जायेगा।

जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना कपिल उपाध्याय ने कहा कि ऐसे छोटे छोटे प्रयासों से महिलाओं को अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है इसे आगे और बढ़ाया जायेगा।

इस मौके पर स्वयं सहायता समूह कृति रवांई से राजीव,रीना ,रोजी, स्वयं सहायता समूह माँ गंगा से धनलक्ष्मी,बबिता,सरिता,राजकुमार मनीष, सुरेंद्र व जगमोहन सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

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