न्याय: चेक बाउंस केस में महिला को पांच लाख का जुर्माना व एक साल की सजा

न्याय: चेक बाउंस केस में महिला को पांच लाख का जुर्माना व एक साल की सजा
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राजेन्द्र शिवाली
कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में एक महिला को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा और पांच लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर महिला को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। घराट रोड लालपुर निवासी सुकेश रावत ने पांच जनवरी, 2023 को कोटद्वार कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि मानपुर निवासी रीता देवी के साथ उनकी अच्छी जान पहचान और मित्रतापूर्ण संबंध हैं। रीता देवी ने अपनी निजी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनसे चार लाख रुपये की धनराशि उधार ली और शीघ्र लौटाने का वादा किया। समय बीतने के बाद भी जब रीता ने धनराशि नहीं लौटाई तो उन्होंने धनराशि वापसी के लिए आरोपी महिला पर तकाजा किया। इस पर महिला ने उन्हें अल्मोड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक कोटद्वार स्थित खाते का चेक दिया। उन्होंने चेक को बैंक में अपने खाते में लगाया, तो चेक बाउंस हो गया। मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर रीता को एक वर्ष की सजा और पांच लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

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