बड़ी खबर: पुलिस ने किया चौहरे हत्याकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
संवाददाता
रुद्रपुर, 03 जनवरी। सोमवार को उत्तराखंड पुलिस की एक बड़ी कामयाबी की खबर आई है। उधमसिंहनगर जिला पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार नानकमत्ता में पिछले दिनों हुई एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने दिल दहला देने वाले इस हत्याकांड में शामिल 3 शातिर आरोप को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर व डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने सोमवार को मीडिया के सामने पूरी घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हत्याकांड के पीछे सर्राफा व्यापारी को लूटने का मुख्य मकसद सामने आया है। पुलिस की कड़ी मेहनत के चलते हत्याकांड में शामिल तीनों शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि एक आरोपी फरार है। मामले का सफल अनावरण करने वाली टीम को एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने 25000 का ईनाम व डीआई नीलेश आनंद भरणे ने 50 हजार एवं डीजीपी अशोक कुमार ने 1 लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि ऊधमसिंहनगर जिले के नानकमत्ता क्षेत्र में बीती 29 दिसंबर को दो महिलाओं समेत एक ही परिवार से जुड़े चार लोगों की जघन्य तरीके से हत्या कर दी गई थी जिससे शहर में सनसनी फ़ैल गई थी। दहशत में आए शहर के लोगों ने पुलिस और प्रशासन से जल्द से जल्द घटना के अनावरण की मांग उठाई। मामले पर कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम ने घटना की जांच शुरु कर दी। इस दौरान 20 टीमों का गठन कर सुराग पतारसी, पूछताछ व सर्विलांस की मदद से मामले के अनावरण के लिए दिन-रात प्रयास किए गए। पुलिस टीमों की कड़ी मेहनत रंग लाई और हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीन आरोपी रानू रस्तोगी, विवेक वर्मा व मुकेश वर्मा उर्फ राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त वैगनार कार, लूटे गए 35 हजार रुपये व हथियार बरामद किये हैं।
पुलिस के अनुसार,आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि मृतक अंकित रस्तोगी कबाड़ की दुकान में काम करता था, वहीं करीब एक माह पूर्व मृतक अंकित रस्तोगी ने 30 से 40 लाख रुपये लगाकर सुनार की दुकान खोली थी। अभियुक्त रानू रस्तोगी मृतक अंकित रस्तोगी का अच्छा मित्र था, जो मृतक अंकित के घर पर भी निरंतर आता जाता रहता था। अभियुक्त रानू रस्तोगी ने कुछ दिन पूर्व ही मृतक अंकित की दोस्ती सचिन सक्सेना से कराई थी, जो कि शातिर किस्म का गैंगस्टर था। उसके द्वारा अपने दो साथी विवेक वर्मा व मुकेश वर्मा के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा। 28 दिसंबर को लूट व डकैती के उद्देश्य से मृतक अंकित रस्तोगी व उदित रस्तोगी को किसी बहाने से घर से बाहर बुलाकर देवा नदी के किनारे ले गए। वहां लाठी डंडों से उनकी जमकर पिटाई की और फिर सर्जिकल ब्लैड से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। उसके बाद आरोपी मृतकों के घर पहुंचे और वहां मृतक की मां आशा देवी व नानी सन्नो देवी की भी हंसिये से गला रेतकर हत्या कर दी। फिर दुकान से 40 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। अभियुक्तों ने सुनार की दुकान में लॉकर खोलने व तोड़ने की भी कोशिश की जिसमें वह सफल नहीं हो सके। मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है और फरार सचिन सक्सेना की सरगर्मी से तलाश कर रही है। मास्टर अखिलेश की भूमिका के संबंध में जांच की जा रही है। हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में सितारगंज कोतवाली प्रभारी प्रकाश सिंह दानू, एटीएचयू प्रभारी बसंती आर्या, नानकमत्ता थानाध्यक्ष के.सी. आर्या, अशोक कुमार, नीमा बोरा, मंजू पंवार, एसओजी चम्पावत से मतलूब खान, प्रकाश आर्या, प्रियंका कोरंगा, प्रिंयका शामिल रहीं। वहीं स्थानीय स्तर पर सुरागरसी व पतारसी करने वाली टीम में एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, जावेद मलिक, बोबिन्दर, नवनीत, मोहित, आसिफ हुसैन, दिनेश चंद्र शामिल रहे। इसके साथ ही बाहरी जनपद से सुरागरसी पतारसी करने वालों में दिनेशपुर थानाध्यक्ष विनोद जोशी, लालपुर चौकी इंचार्ज पंकज कुमार, कुलदीप सिंह, ललित चौधरी शामिल रहे। सीडीआर विश्लेषण में कैलाश तोमक्याल व भूपेंद्र आर्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीसीटीवी खंगालने में आईटीआई थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी, एडीटीएफ प्रभारी कमाल हसन, झनकईया थानाध्यक्ष दिनेश फर्त्याल, सितारगंज एसएसआई योगेश कुमार, शंकर बिष्ट, विजेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र सिंह, पंकज महर, राजेश पांडे, कमल नाथ गोस्वामी, पंकज बिनवाल, नासिर, धर्मवीर, ललित कुमार, गणेश पांडे, नीरज शुक्ला, प्रमोद कुमार, विनोद, भूपेंद्र रावत, राजेन्द्र कश्यप, प्रभात चौधरी शामिल रहे। साथ ही पंचायतनामा भरने, साक्ष्य जुटाने व कार्यलेख करने वाली टीम में गिरीश चन्द्र, योगेन्द्र कुमार, ललित काण्डपाल, नरेद्र रोतेला, रमेश भट्ट, मोहन गिरी, देवेन्द्र, लोकेश तिवारी, सुरेश कुमार, राजेश कुमार, प्रकाश जोशी, कमला दुम्ताल, विद्या रानी, बीना, शिवन्ती, विनित, राजकुंवर, फालवर पूरन चन्द्र, राजकुमार शुक्ला, गुरमेज, मिल्खा, राजवती, गोविन्द आदि शामिल रहे।

