दिक्कत: यहां के अस्पतालों में नहीं मिल रही अल्ट्रासाउंड की सुविधा

दिक्कत: यहां के अस्पतालों में नहीं मिल रही अल्ट्रासाउंड की सुविधा
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विकासनगर।  जौनसार बावर परगने में स्वास्थ्य सेवा खुद ही वेंटिलेटर पर हैं। यहां के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा के अभाव के चलते मरीजों को विकासनगर, देहरादून और हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। आलम यह है कि जौनसार के किसी भी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल रही है। बीते साल जिलाधिकारी के निर्देश पर पीएचसी त्यूणी में अल्ट्रासांउड सुविधा शुरू की गई थी, लेकिन वहां भी करीब तीन माह से मशीन खराब होने के कारण अल्ट्रासाउंड सुविधा ठप पड़ी हुई है। जौनसार में चकराता और साहिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जबकि त्यूणी, कालसी, नागथात, कोटी कॉलोनी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। लेकिन किसी भी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को इन अस्पतालों में उपचार नहीं मिल पाता है। जौनसार परगना पर्वतीय है, जहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अस्पतालों में हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण घायलों को विकासनगर और देहरादून के अस्पतालों में जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के सामने भी विकट समस्या पैदा हो जाती है। अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं होने से गर्भवति महिलाओं को रूटीन अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सौ से डेढ़ सौ किमी की दूरी नापकर विकासनगर जाना पड़ता है। पहाड़ी मार्गों पर इतना लंबा सफर तय करने में कई बार जच्चा बच्चा की जान जोखिम में पड़ जाती है। सीजेरियन डिलीवरी की सुविधा नहीं होने पर भी महिलाओं को शहरों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। पीएचसी त्यूणी में अल्ट्रासाउंड मशीन पहुंचने से स्थानीय लोगों को नजदीकी अस्पताल में ही सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन बीते तीन माह से यहां भी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी हुई है। उधर, एसीएमओ डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि पीएचसी त्यूणी की अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक करने के लिए टेक्निशियन भेजे जा रहे हैं। जल्द सुविधा शुरू कर दी जाएगी।

(फोटो प्रतीकात्मक)

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