सराहनीय: मरने के बाद दो नेत्रहीनों का जीवन रोशन कर गये पुलिस जवान विरेंद्र सिंह चौहान 

सराहनीय: मरने के बाद दो नेत्रहीनों का जीवन रोशन कर गये पुलिस जवान विरेंद्र सिंह चौहान 
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ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ऋषिकेश आई बैंक में पुलिस आरक्षी दिवंगत विरेंद्र सिंह चौहान का उनके परिजनों ने मृत्यु उपरांत नेत्रदान कराया। नेत्रदान से दो नेत्रहीन लोगों का जीवन रोशन हो सकेगा। वह इस रंगबिरंगी दुनिया को देख सकेंगे। एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने नेत्रदान जैसे महादान के इस पुनीत संकल्प के लिए दिवंगत पुलिस आरक्षी के परिजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे अन्य लोगों को भी नेत्रदान के संकल्प की प्रेरणा लेनी चाहिए। एम्स ऋषिकेश के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि उटेल निवासी विरेंद्र सिंह चौहान 30 वर्ष का बीते बुधवार की रात सड़क हादसे में निधन हो गया। उनके निधन के बाद भाई राजेश चौहान ने अपने दिवंगत प्रियजन का नेत्रदान कराया। उनके सहयोगियो ने बताया कि दिवंगत चौहान ने जीते जी मानव सेवा में बहुत योगदान दिया तथा जाने के बाद भी अपनी आंखों से दो नेत्रहीन लोगों का जीवन रोशन कर गए। गौरतलब है कि ऋषिकेश आई बैंक (एम्स) को स्थापना के बाद से अब तक 812 कॉर्निया प्राप्त हुए हैं। जिनमें से अधिकांश कॉर्निया जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं।

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