शिकंजा: बेखौफ भ्रष्टाचारियों पर विजीलेंस के तेवर सख़्त, घूस लेते हुए दबोचा एक और सरकारी मुलाज़िम
सिडकुल में सहायक लेखाकार के पद पर तैनात है गिरफ्तार आरोपी
रुद्रपुर। प्रदेश सरकार की सख़्ती के बावजूद उत्तराखंड में भ्रष्टाचारियों की करतूतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। हालात यहां तक बिगड़ चुके हैं कि आम आदमी के लिए सरकारी दफ्तरों में छोटे से छोटा काम भी बिना कोई सुविधा शुल्क चुकाए करा लेना आसान नहीं है। सुविधा शुल्क( रिश्वत ) के ऐसे ही लालच के चलते एक सरकारी कारिंदा सलाखों के पीछे पहुंच गया। मामला सितारगंज के सिडकुल कार्यालय का है, जहां सतर्कता अधिष्ठान उत्तराखंड द्वारा सिडकुल के सहायक लेखाकार को नौ हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार, सतर्कता अधिष्ठान ने शिकायत के बाद तत्परता से तत्काल ट्रैप टीम का गठन कर लेखाकार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता द्वारा सिडकुल में 2 प्लॉट के लिए आवेदन किया गया था, जिसका आवंटन होने एवं पूर्ण भुगतान करने के बाद रजिस्ट्री की एनओसी उपलब्ध कराने के एवज में आर.एम. सिडकुल, सितारगंज के कार्यालय में तैनात अकाउन्टेन्ट उमेश कुमार जोशी पुत्र प्रकाश जोशी, निवासी चांदमारी काठगोदाम, हल्द्वानी (नैनीताल) ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी द्वारा गोपनीय जांच किए जाने पर प्रथम दृष्टतया सही पाए जाने पर तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आज आर.एम. सिडकुल सितारगंज के लेखाकार उमेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। अचानक हुई गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार सहायक लेखाकार उमेश कुमार जोशी से देर तक पूछताछ की। इसके बाद उसके आवास की भी तलाशी ली गई।

