अवैध कटान मामला: पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का समर्थन
मामले को बताया कांग्रेस नेताओं को प्रताड़ित करने की साजिश
देहरादून। पाखरों रेंज में अवैध कटान और टाइगर सफारी योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्यों में हुई धांधली की जांच का काम नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई को सौंपे जाने से जहां एक ओर तत्कालीन वन मंत्री डॉ हरक सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता उनके बचाव में उतर आए हैं।
यहां पत्रकारों से एक अनौपचारिक वार्ता में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि वर्तमान मामले में डॉ हरक सिंह रावत अब तक अनेक मामलों में जैसे बेदाग होकर निकले हैं इस मामले में भी वह बेदाग निकलगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें जानबूझकर फसाया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पूर्व यह बीजेपी का कांग्रेस नेताओं के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान है कि वह पुराने से पुराने मामलों को ढूंढ कर विपक्ष के नेताओं को फंसाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डाॅ. हरक सिंह पर अब तक जितने भी आरोप लगे हैं, उनमें वह सभी में बेदाग रहे हैं तथा इस मामले में भी वह बेदाग होकर निकल आएंगे।
उल्लेखनीय है कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार में डॉ रावत के वन मंत्री रहने के दौरान पाखरों रेंज में टाइगर सफारी योजना के दौरान 7000 से अधिक पेड़ों का कटान किया गया था, अनेक निर्माण कार्य कराये गये थे। जिसमें वित्तीय घोटाले का मामला सामने आने पर इसकी जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी।
वहीं, यह मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन था। उसमें अब हाईकोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच का काम हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंप दिया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि डॉ हरक सिंह रावत गुनहगार नहीं हैं, वह इस मामले में जरूर निर्दोष साबित होंगे।

