असमय: इधर पेड़ के नीचे दबकर हो गयी मजदूर की मौत, उधर युवक ने अपने ही घर में कर ली आत्महत्या
काशीपुर। उधमसिंह नगर जिले के जसपुर कोतवाली क्षेत्र में युवकों की मौत के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहला मामला पतरामपुर चौकी क्षेत्र का है। यहां मजदूर की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। वहीं दूसरा मामला पूरनपुर क्षेत्र का है। यहां एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है।
जानकारी के मुताबिक पतरामपुर चौकी क्षेत्र के रामनगर वन गांव में सोमवार की सुबह पेड़ कटान में लगे एक मजदूर के ऊपर पेड़ गिर गया। पेड़ के नीचे दबकर मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस ने बताया कि रामनगर वन गांव निवासी आदेश कुमार दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था। सुबह वो लकड़ी ठेकेदार के साथ पेड़ काटने के काम पर गया था। बताया जा रहा है कि पेड़ कटान के दौरान ही एक पेड़ उसके ऊपर गिर गया। पेड़ के नीचे बुरी तरह दबने के कारण उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा ने बताया कि अभीतक मृतक के परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
असमय मौत का एक मामला पूरनपुर गांव का है, जहां 18 साल के युवक ने अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि युवक अपने घर में अकेला था, तभी उसने ये कदम उठाया। पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा ने बताया कि अभीतक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अच्छी खबर: इस नगर निगम को मिलेगी सौ करोड़ की सीवरेज परियोजना, 55 किमी का दायरा किया जाएगा कवर
श्रीनगर। नगर निगम श्रीनगर के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो घोषणाएं की थीं, उनको अमली जामा पहनाने की तैयारी पूरी होने लगी है। कुछ महीने पहले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर दौरे के दौरान नगर निगम श्रीनगर के बढ़ते नए दायरे को देखते हुए क्षेत्र को सीवरेज योजना से जोड़ने की घोषणा की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। दरअसल, उत्तराखंड पेयजल निगम गंगा इकाई श्रीनगर ने इसके लिए 100 करोड़ की योजना तैयार कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन से स्वीकृति और बजट मिलते ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। इस योजना के तहत श्रीनगर के 55 किलोमीटर के दायरे को सीवरेज योजना से जोड़ दिया जाएगा। गौरतलब है
कि पौड़ी जिले का श्रीनगर गढ़वाल शहर एक बड़े एजुकेशन हब के रूप में उभर रहा है। यहां गढ़वाल केंद्रीय विवि, एनआईटी, एसएसबी, सीटीसी और मेडिकल कॉलेज समेत कई और बड़े संस्थान हैं, जिसके चलते शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में शहर के लिए सरकार बेहतर प्लान बनाने पर काम कर रही है। ताकि यहां के लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सके।
श्रीनगर पालिका को अपग्रेड कर नगर निगम भी बनाया गया है। यही कारण है कि सरकार नगर निगम के हिसाब से यहां पर काम कर रही है। पेयजल निगम गंगा इकाई ने श्रीनगर के लिए 100 करोड़ की योजना तैयार की है, जिसके तहत 55 किलोमीटर के श्रीनगर नगर निगम के दायरे में आने वाले नए मोहल्ले और गांवों को सीवरेज से जोड़ा जाएगा। इसके लिए दो नए सीवरेज प्लांट श्रीकोट और उफलडा में बनाये जाने की भी कार्ययोजना इसमें रखी गयी है। इससे घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाला अवशिष्ट अलकनन्दा नदी में जाने के बजाय सीवरेज पाइपों से सीवरेज प्लांटों तक जाएगा। पेयजल निगम गंगा इकाई श्रीनगर के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि श्रीनगर में 55 किलोमीटर के दायरे में सीवरेज योजना बनाई जा रही है, जिसकी डीपीआर सितंबर माह तक बन कर तैयार हो जायेगी। इसके तहत श्रीकोट में 2 एमएलडी का सीवरेज प्लांट बनाया जाना है, जिससे 20 किलोमीटर के दायरे को सीवरेज योजना से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त 05 एमएलडी का प्लांट उफल्डा में भी बनाया जाना प्रस्तावित है। इससे 15 किलोमीटर के हिस्से को योजना से जोड़ा जाएगा। डीपीआर बनने और योजना के लिए बजट अवमुक्त होने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
