शातिर: पहले दिया बिजनेस में पैसा लगाकर करोड़पति बनने का झांसा, फिर ठग लिए साढ़े तीन करोड़ रुपए
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
देहरादून। करोड़पति बनाने के सपने दिखाकर साढे तीन करोड रूपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी रमेश मिनोचा ने डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसका परिचय एक परिचित इन्द्रप्रीत सिंह कोहली, निवासी जबलपुर मध्यप्रदेश ने अनिल उपाध्याय व विजय उपाध्याय उर्फ विजू डंगवाल पुत्रगण ओम प्रकाश उपाध्याय, हाल निवासी आर्य नगर डालनवाला, देहरादून से करवाया था। उक्त लोगों ने उसको अवगत कराया था कि वह बहुत बड़े बिजनेसमैन हैं और वह होटल तथा टूरिस्ट ट्रेवल्स का और बहुमंजली बिल्डिंग तथा प्रोपर्टी डीलिंग का कार्य भारत वर्ष के अतिरिक्त थाईलैंड के कई सम्बन्धित नगरो में करते हैं तथा वह वीआर इंटरनेशनल थाई कम्पनी लिमिटेड के नाम से कार्य करते हैं। प्रार्थी ने जब वीआर का अर्थ इन लोगों से पूछा तो उन्होंने इसका मतलब विजय तथा राजीव इन्टरनेशनल बताया और इससे सम्बन्धित दस्तावेज उसको दिखाए थे और उसको कहा कि वह उनके साथ पूंजी निवेश करे तो उसको लाखों रुपये का लाभ हो सकता है। उसने इन लोगों की बात पर विश्वास किया और उसके उपरान्त अनिल उपाध्याय व विजय उपाध्याय ने हमारे घर आना शुरू कर दिया तथा मेरे परिवार के लोगों से निकटता बढ़ानी शुरू कर दी। इस कारण से वह व उसके परिवार के सदस्यों और अनिल उपाध्याय व विजय उपाध्याय के मध्य विश्वास पूर्ण सम्बन्ध उत्पन्न हो गये थे और उसने उक्त लोगों का विश्वास करते हुए उनको व्यावसायिक कार्य हेतु धनराशि देनी आरम्भ कर दी। वह व उसके परिवार के लोगों द्वारा 85 लाख रुपए अनिल उपाध्याय के खाते में आर टी जी एस के माध्यम से ट्रांसफर किये गये थे। यह धनराशि उसके अतिरिक्त उसके निकट सम्बन्धी श्रीमती राधिका सिंह पत्नी रमेश मनोचा व सास श्रीमती सुधा सिंह व उसके साले आकाश दीप सिंह के द्वारा उपरोक्त खाते में ट्रांसफर किये गये थे। वर्ष 2016 से वर्तमान समय तक उपरोक्त लोग उससे 2 करोड़ 4 लाख रुपए नगद, आर टी जी एस, चैकों के माध्यम से प्राप्त कर चुके हैं और अबतक वह वह व उसके निकट सम्बन्धियों से 3 करोड़ 35 लाख रुपये प्राप्त कर चुके हैं। इन लोगों के द्वारा उसके साथ न तो कोई पार्टनरशिप डीड की गयी और न ही अब तक किसी के प्रकार की भागदारी से प्राप्त कोई लाभ उसको दिया गया है। इन लोगों ने उसको राजीव कुमार निवासी नहोनी, अम्बाला (हरियाणा) को अपना पार्टनर बताया और हमेशा यह दर्शाया कि उनका कार्य व्यापार दिल्ली व बैंकॉक के मध्य निरन्तर चल रहा है। इनके द्वारा उसको मल्टीपल स्टोरी बिल्डिंग उसको यह कह कर दिखाई गयी कि इसमें उसके द्वारा दी गयी धनराशि लगी है, और विक्रय होने के बाद मूल तथा लाभांश उसको दिया जायेगा। लेकिन उसके बाद से इन लोगों ने उससे सम्पर्क करना बंद कर दिया है। उसने अपने जीवन भर की पूंजी इन लोगों को दे दी और इन्होंने उसके साथ धोखाधड़ी की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

