दुश्वारियां: जौनसार बावर क्षेत्र में मलबा आने से 12 मोटर मार्ग बंद, मंडियों में नहीं पहुंच पा रही है किसानों की कृषि उपज

दुश्वारियां: जौनसार बावर क्षेत्र में मलबा आने से 12 मोटर मार्ग बंद, मंडियों में नहीं पहुंच पा रही है किसानों की कृषि उपज
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विकासनगर। पछवादून के  जौनसार बावर क्षेत्र में जगह-जगह पहाड़ों पर मलबा आने से 12 मोटर मार्ग बंद हो गए, जिसके कारण करीब 35 गांवों के ग्रामीणों की उपज कृषि मंडियों में नहीं पहुंच पा रही है। यातायात बाधित होने की वजह से जगह जगह उपज से भरे वाहन फंसे हुए हैं।
टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया, बींस, अदरक, गागली, शिमला मिर्च आदि उपज समय पर मंडी न पहुंचने की वजह से बाजार में सब्जियों के रेट में काफी उछाल आया है, जिसका सीधा असर ग्राहक की जेब पर पड़ रहा है।
भूस्खलन की वजह से लोनिवि साहिया के 4, लोनिवि चकराता के 4, पीएमजीएसवाई कालसी के 4 मार्ग बंद हैं। लोनिवि साहिया के स्टेट हाईवे हरिपुर- इच्छाड़ी- क्वानू- मीनस मोटर मार्ग पर इच्छाड़ी, पाथुवा व पाटन गांव के पास मलबा आने से यातायात बाधित हो गया।
दातनू- बड़नू मोटर मार्ग पर दो स्थानों पर मलबा आया हुआ है, जबकि साहिया- समाल्टा मोटर मार्ग किमी पांच पर मलबा आने से बंद है। ड्यूडीलानी- ठलीन- सकरोल मोटर मार्ग पर पिनगिरी गांव के समीप मलबा आने से यातायात बाधित है।
लोनिवि चकराता का रायगी कुल्हा, रिखाड़, टुंगरा, रोटा खडड- अटाल मोटर मार्गों पर यातायात बाधित है। पीएमजीएसवाई कालसी का डिरनाड़, गडोल सकरोल, धोइरा देऊ, जखथान मोटर मार्ग पर मलबा आने से यातायात बाधित होने से ग्रामीणों के कृषि उपज से भरे वाहन फंसे हुए हैं। बंद मार्गों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।

बंद रास्तों की वजह से ठप पड़ा पर्यटन व्यवसाय

बंद रास्तों की वजह से पर्यटन व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ा। जिस कारण छावनी बाजार चकराता, लोखंडी, नागथात, टाइगर फाल समेत सभी पर्यटन स्थल सूने पड़े हैं। पर्यटन आधारित व्यवसाय होटल, रिसार्ट व होम स्टे खाली पड़े हुए हैं। पर्यटन पर आधारित व्यापारी खाली बैठे हैं।
होटल व्यवसायी कुंवर सिंह राणा, टीकाराम शाह, विवेक अग्रवाल, राहुल चांदना, अमित जोशी, विकास अग्रवाल, अनिल बिजलवान, चंदन सिंह रावत आदि का कहना है कि बंद मार्गों की वजह से पर्यटक नहीं आ रहे हैं। रिसार्ट व होम स्टे संचालक जयवीर सिंह चौहान, रघुवीर सिंह चौहान, नितेश असवाल, दिनेश सिंह चौहान, आशीष भट्ट, अनुपम तोमर, अजीत सिंह चौहान, पीयूष जोशी आदि का कहना है कि वर्षा होते ही अधिकांश मार्गों पर भूस्खलन होने लगता है।
कालसी चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड पहाड़ी से भूस्खलन नासूर बन गया है। बंद मार्गों की वजह से पर्यटन व्यवसाय चैपट हो गया है।
छावनी बाजार चकराता के व्यापार मंडल अध्यक्ष केसर सिंह चौहान, सचिव अमित अरोड़ा, नैन सिंह राणा, अशोक कुमार, प्रताप सिंह चौहान, रविंद्र सिंह चौहान, दर्शन सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह राणा, सुभाष सिंह चौहान आदि का कहना है कि यहां का व्यवसाय सिर्फ पर्यटन पर ही निर्भर है। पर्यटकों के न आने से व्यापारी खाली बैठे हैं।

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