बड़ी ख़बर: सजा पूरी होने के बाद भी जेलों में बंद कैदियों पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

बड़ी ख़बर: सजा पूरी होने के बाद भी जेलों में बंद कैदियों पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
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नैनीताल(आरएनएस)। उत्तराखंड की जेलों में आजीवन कारावास की सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहा नहीं किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका समेत कई अन्य याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई के बाद अगली तिथि 30 अक्तूबर तय की है। कोर्ट ने सरकार को पूर्व में दिए गए आदेशों के क्रम में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने और इसकी प्रति सभी पक्षकारों को पहले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि वे रिपोर्ट का अवलोकन कर सकें। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कोर्ट के आदेश के बाद इस बीच कई कैदियों को रिहा किया जा चुका है। अन्य कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने मामले की वर्तमान स्थिति से कोर्ट को अवगत कराने के लिए समय मांगा। इस पर खंडपीठ ने सरकार को 30 अक्तूबर तक रिपोर्ट पेश करने का समय दिया। वहीं विभिन्न याचिकाओं में कहा गया है कि सजा पूरी होने के बावजूद कैदियों को जेलों से रिहा नहीं किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का हवाला दिया है, जिनमें सभी हाईकोर्ट को ऐसे मामलों में आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने और सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी। कोर्ट ने जेलों का दौरा भी किया था। इस दौरान 167 ऐसे कैदी मिले थे, जिनकी सजा पूरी हो चुकी थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण वे जेलों में बंद थे। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कुछ कैदियों को रिहा किया गया, जबकि अन्य की रिहाई का मामला लंबित है।
कैदियों की रिहाई पर हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि संबंधित कैदियों के जेल में बिताए गए समय, उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य रिहाई के बाद उनके सामान्य जीवन में लौटने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेना है। अब हाईकोर्ट ने सरकार से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने वाली विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

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