समस्या: जंगल से सटे गांवों में बढ़ी जंगली हाथियों की घुसपैठ, दहशत में ग्रामीण
संवाददाता
हरिद्वार, 17 सितंबर। वन से सटे गांवों में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना जंगलों से निकलकर हाथी किसानों की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बीती रात जनपद के बिशनपुर, कटारपुर और रानीमाजरा गांवों में हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बमुश्किल हाथी को जंगल की तरफ खदेड़ा।
दरअसल, हरिद्वार के कई गांव जंगल से सटे होने के कारण वन्यजीवों से प्रभावित हैं। इस समय गन्ने और धान की तैयार फसल के कारण जंगली हाथी आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। डीएफओ हरिद्वार नीरज शर्मा ने बताया कि हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए वन विभाग की 16 से 17 टीमें लगी रहती हैं, जिसमें 6 से 7 लोग होते हैं। डीएफओ के मुताबिक कुछ दशक पहले से इस क्षेत्र में हाथियों का आवागमन होता रहा है। वर्तमान में हाथियों के आवागमन पर काफी हद तक रोक लगा दी गई है। हाथी आबादी क्षेत्रों व खेतों में ना आएं इसके लिए और उचित तैयारियां की जाएंगी। किसानों से भी संवाद कर हाथी को रोकने के लिए विचार-विमर्श किया जाता है।

