मौसम: उत्तराखंड में दिखा बारिश का रौद्र रूप, ऐहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा की गई स्थगित
देहरादून। मानसून की विदाई से पहले उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार रात से शुरू हुआ वर्षा का दौर रविवार को भी जारी रहा और प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी और पौड़ी जिलों में अत्यंत भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के शेष जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी को देखते हुए चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने यात्रा रोकने के आदेश जारी किए हैं। बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से लगे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने से तापमान में तेजी से गिरावट आई है।
शुक्रवार रात से करीब 18 घंटे तक हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर कुमाऊं मंडल में दिखाई दिया। पिछले 24 घंटे में चंपावत के बनबसा में सर्वाधिक 130 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि टनकपुर में 113 मिलीमीटर बारिश हुई। रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भी 50 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई। बारिश के कारण तापमान में भी भारी गिरावट आई है। देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री और पंतनगर में करीब 11 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।
लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्बिल के पास पत्थर आने से बाधित हो गया। सूचना के बाद एनएच की मशीनरी को मौके पर भेजा गया। बागेश्वर में कांडा-खाईखाल के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय मार्ग बाधित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। नैनीताल में लगातार बारिश के चलते हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग डोलमार और ज्योलीकोट क्षेत्र में प्रभावित हुआ। पिथौरागढ़ में घाट क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने से मार्ग बंद हो गया। जिले में 13 सड़कें बंद होने की सूचना है। चंपावत में भी तीन ग्रामीण सड़कें बंद हैं, हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल सुचारू बताया गया है। उत्तरकाशी में शनिवार सुबह से लगातार बारिश का दौर जारी रहा। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम से लगी ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। चमोली में भी दो दिन से मौसम खराब है। बदरीनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात के कारण ठंड बढ़ गई है।
धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी गांवों में भी बर्फबारी हुई है। ऊंची चोटियां बर्फ से ढक गई हैं। बारिश और बर्फबारी के दोहरे असर से पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान तेजी से नीचे गया है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए शक्तिपीठ मां पूर्णागिरि धाम के कपाट भी अग्रिम आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं आदि कैलास और ओम पर्वत दर्शन यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट 26 अक्टूबर तक बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। मौसम विभाग ने अगले 36 घंटे को प्रदेश के लिए अहम बताया है। देहरादून, पौड़ी और टिहरी में अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। सोमवार को उत्तरकाशी, देहरादून और हरिद्वार में तीव्र वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश, भूस्खलन और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।

