आक्रोश: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी पर फूटा गुस्सा, लोगों ने विभाग के ख़िलाफ़ किया प्रदर्शन

आक्रोश: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी पर फूटा गुस्सा, लोगों ने विभाग के ख़िलाफ़ किया प्रदर्शन
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बड़कोट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़कोट में चिकित्सकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति न होने से नाराज व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को अस्पताल परिसर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर आक्रोश जताते हुए एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और अस्पताल में रिक्त चिकित्सकीय पदों को तत्काल भरने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीएचसी बड़कोट केवल नगर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी आपात स्थिति में इसी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2015 में शासन ने सीएचसी बड़कोट के लिए चिकित्सकों के आठ नए पद स्वीकृत किए थे। आरोप है कि इन स्वीकृत पदों में से वर्तमान में केवल एक दंत चिकित्सक के पद पर ही नियुक्ति है, जबकि अन्य पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों और अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी, सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ समेत आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और प्रसव संबंधी चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में मरीजों को दूसरे अस्पतालों तक पहुंचाने में समय और संसाधन दोनों अधिक लगते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक उपचार उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
यमुनोत्री धाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव के रूप में बड़कोट की भूमिका को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की। उनका कहना है कि यात्रा सीजन में हजारों श्रद्धालु और पर्यटक क्षेत्र में पहुंचते हैं। किसी दुर्घटना या गंभीर स्वास्थ्य आपात स्थिति में तत्काल उपचार के लिए पर्याप्त चिकित्सकों और विशेषज्ञ सुविधाओं का होना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंह रावत, पूरण सिंह रावत, तरवीन सिंह राणा, नीरज सिंह रावत, व्यापार मंडल महामंत्री सोहन गैरोला, दिनेश सिंह चौहान, मदन जोशी, रमेश गुप्ता, संजय सिंह व अवतार सिंह आदि मौजूद रहे।

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