शिकंजा: जमीनों के रिकार्ड बदल कर करोड़ों में बेचने के मामले में ईडी ने नवीन मित्तल को दबोचा

शिकंजा: जमीनों के रिकार्ड बदल कर करोड़ों में बेचने के मामले में ईडी ने नवीन मित्तल को दबोचा
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देहरादून(आरएनएस)। ईडी देहरादून ने चर्चित रजिस्ट्री घपले और मनी लांड्रिंग मामले में मास्टरमाइंड नवीन कुमार मित्तल को गिरफ्तार कर लिया है। तीन सितंबर को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी के बाद आरोपी को देहरादून स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे पांच दिनों की ईडी रिमांड पर भेजा गया है। रजिस्ट्री घपले में तीन साले पहले राज्य में कई मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस ने फर्जी जमीन रिकॉर्ड तैयार करने और जमीनों की अवैध बिक्री के मामले में जांच के बाद कई चार्जशीट दाखिल की थीं। इनमें दो चार्जशीट में नवीन कुमार मित्तल को मुख्य आरोपी और फर्जीवाड़े का मुख्य लाभार्थी बनाया गया। इस आधार ईडी की जांच शुरू हुई थी।
ईडी की जांच में सामने आया कि नवीन मित्तल ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपने सह-आरोपी को जमीन का असली मालिक दर्शाया और बैनामे के जरिए जमीनें बेच दीं। बिक्री से लगभग 3.24 करोड़ रुपये की अपराध आय सह-आरोपियों के बैंक खाते में जमा कराई गई। केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में मूल बैंक रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच में यह साबित हुआ कि सह-आरोपी के नाम पर खोला गया बैंक खाता वास्तव में खुद नवीन कुमार मित्तल ही संचालित कर रहा था। रकम उसकी खुद की नियंत्रित कंपनियों में ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसी के अनुसार बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद नवीन मित्तल जांच में शामिल नहीं हो रहा था। उसने न केवल गवाहों को प्रभावित करने और अपने रिश्तेदारों को बयान देने से रोकने की कोशिश की, बल्कि अवैध लेन-देन को वैध साबित करने के लिए नए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए।
अगस्त में मारे थे छापे
अगस्त 2026 में ईडी ने उसके ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त की गई थीं। नवीन मित्तल के अन्य जमीन फर्जीवाड़ों में शामिल होने के प्रमाण भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। पहले ईडी इस मामले में सह आरोपियों हुमायूं परवेज, मोहम्मद वकील और मुकेश कुमार गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

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