आक्रोश: उत्तराखंड आयुर्वेद विवि में फिर हंगामा, मांगें मनवाने को दोबारा पानी की टंकी पर चढ़े छात्र

आक्रोश: उत्तराखंड आयुर्वेद विवि में फिर हंगामा, मांगें मनवाने को दोबारा पानी की टंकी पर चढ़े छात्र
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परिसर में पुलिस बल तैनात,  रात में किया था सीएम आवास कूच

देहरादून(आरएनएस)।  उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय देहरादून हर्रावाला में एक बार फिर से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।  चार छात्र दोबारा से यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद पानी की टंकी पर चढ़ गए।  उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता, वो पानी की टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे।  छात्र रात से यूनिवर्सिटी परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
दरअसल, छात्रों का आरोप है कि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में न तो समय से परीक्षाए कराई जा रही हैं और जो परीक्षाएं कराई गई, उनका भी रिजल्ट नहीं आया।  ऐसे में छात्र बड़ी दुविधा में फंसे हुए हैं।  एक तरह से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।  दस दिन पहले भी छात्रों ने अपनी इन्हीं मांगों को लेकर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन किया था।  तब भी कुछ छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गए थे।  हालांकि बाद में प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन के मनाने पर छात्र नीचे उतर गए थे, उन्हें लिखित में वादा किया था, लेकिन दस दिन बाद भी जब छात्रों की मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने फिर से आंदोलन शुरू कर दिया।
चार छात्र पानी की टंकी पर चढ़े: बुधवार रात से ही सैकड़ों बीएएमएस छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।  गुरुवार सुबह तक आक्रोश इतना बढ़ा कि विरोध जताने के लिए चार छात्र, जिनमें दो छात्राएं और दो छात्र शामिल हैं, विश्वविद्यालय की पानी की टंकी पर चढ़ गए।  इससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही डोईवाला कोतवाली पुलिस भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और टंकी पर चढ़े छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास कर रही है।  छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं कराई जा रही हैं और कई महीनों से लंबित परीक्षाओं का रिजल्ट भी घोषित नहीं किया गया है।  इससे उनका पूरा शैक्षणिक सत्र लेट हो रहा है और भविष्य अंधकार में है।
छात्रों ने बताया कि इसको लेकर कई बार लिखित शिकायत की गई थी।  10 दिन पहले भी इसी मांग को लेकर कई छात्र टंकी पर चढ़ गए थे।  तब काफी हंगामे के बाद वाइस चांसलर ने 10 दिन के भीतर सभी समस्याओं के समाधान का लिखित लेटर दिया था, जिसके बाद रात करीब 1 बजे छात्रों को टंकी से उतारा गया था, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे छात्र फिर आंदोलन को मजबूर हुए।
सियासी रंग भी चढ़ा:
इस हंगामे को अब सियासी समर्थन भी मिलने लगा है।  छात्रों के समर्थन में कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन मैदान में उतर आई है।  कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल मौके पर पहुंचे और कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन और सरकार के अधिकारी छात्रों को परेशान कर रहे हैं।  वह छात्रों के हित में देर रात मुख्यमंत्री आवास भी गए थे।  फिलहाल माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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