आफ़त: गढ़वाल में मैठाणाघाट-बवांसा-रसिया महादेव मार्ग पर दरकी पहाड़ी, आवागमन ठप

आफ़त: गढ़वाल में मैठाणाघाट-बवांसा-रसिया महादेव मार्ग पर दरकी पहाड़ी, आवागमन ठप
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कोटद्वार(आरएनएस)।  बीरोंखाल क्षेत्र में मैठाणाघाट-बवांसा-रसिया महादेव मोटर मार्ग पर भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। बवांसा तल्ला के नीचे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा उजड़ने से करीब 200 मीटर सड़क मलबे की चपेट में आ गई है। मलबा इतना अधिक है कि सड़क से पैदल आवाजाही करना भी संभव नहीं है।
मार्ग बंद होने से रसिया महादेव जाने वाले ग्रामीणों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य स्थिति में मैठाणाघाट से रसिया महादेव की दूरी करीब आठ किलोमीटर है लेकिन सड़क बंद होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है। अब ग्रामीण मैठाणाघाट से ढोंर, जाखणी और तकुलसारी होते हुए रसिया महादेव पहुंच रहे हैं। वैकल्पिक मार्ग से दूरी बढ़कर करीब 16 किलोमीटर हो गई है। बीरोंखाल के विधायक प्रतिनिधि दर्शन सिंह रिंगोडा ने बताया कि सड़क बंद होने की सूचना स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को दे दी गई है। वहीं, सड़क का निर्माण कराने वाली पीएमजीएसवाई बैजरो के अधिशासी अभियंता पान सिंह बिष्ट ने बताया कि मलबा हटाने के लिए आगणन तैयार कर आपदा प्रबंधन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए सुचारू कर दिया जाएगा।
जयहरीखाल-गुमखाल मार्ग क्षतिग्रस्त, पौखाल में सड़क धंसने का खतरा
दूसरी ओर, लगातार हो रही भारी बारिश से जयहरीखाल-गुमखाल मार्ग पर पौखाल के समीप सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। पर्याप्त नालियां नहीं होने और कई कलवर्ट बंद होने से बरसाती पानी सड़क किनारे जमा हो रहा है। इससे लगातार कटाव होने के कारण सड़क का किनारा कमजोर हो गया है और इसके धंसने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले नालियों की सफाई और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की जाती तो सड़क को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सकता था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद अब जेसीबी से पानी की निकासी के लिए अस्थायी कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि जल्द सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो एक और तेज बारिश में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस सकता है जिससे मार्ग बाधित होने की आशंका है। सड़क के नीचे स्थित पौखाल निवासी विमल गुसाईं के मकान पर भी खतरा मंडरा रहा है। कटाव बढ़ने पर मकान की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

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