न्याय: पोक्सो एक्ट के दोषी को आजीवन कठोर कारावास, आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का है आरोप
हरिद्वार(आरएनएस)। आठ वर्षीय बच्ची से बलात्कार करने के मामले में अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह ने आरोपी दयानंद को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी दयानंद को आजीवन कठोर कारावास व एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि एक मार्च 2025 को पथरी क्षेत्र में एक दंपति मजदूरी करने के लिए खेत में गन्ना छील रहे थे। तभी कमरे के पास सड़क पर खेल रही पीड़ित बच्ची को उसकी माता ने मुर्गा फार्म पर मुर्गा लेने के लिए भेजा था। काफी देर तक वापिस नही लौटने पर बच्ची के पिता उसे आसपास ढूंढने लगें थे। तभी शिकायतकर्ता पिता पीड़ित बच्ची को ढूंढते हुए गन्ने के खेत में पहुंचे तो देखा कि आरोपी दयानंद मासूम बच्ची के साथ बलात्कार कर रहा था। शिकायतकर्ता पिता के शोर मचाने पर आरोपी वहां से भागने लगा।
जैसे ही शिकायतकर्ता पिता आरोपी को पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़े तो आरोपी ने बंदूक दिखाकर डरा दिया था। लहूलुहान हालत में बच्ची के परिजन उसे पुलिस और अस्पताल में ले गए थे। शिकायतकर्ता पिता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दयानंद निवासी ग्वाल पारा जनपद मधेपुरा बिहार के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो ऐक्ट का केस दर्ज कर जेल भेजा था। पुलिस ने आरोपी दयानंद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
विशेष कोर्ट ने आरोपी दयानंद को आजीवन कठोर कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नही देने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए हैं। पीड़िता को आर्थिक सहायता देने के निर्देश, विशेष कोर्ट ने पीड़िता को मानसिक,सामाजिक व शारीरिक क्षति के रूप 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें पांच लाख रूपये की एफडी कराने और शेष पांच लाख रुपये नगद अदा करने के आदेश दिए हैं।उक्त निर्णय की एक प्रति डीएलएसए व जिला मजिस्ट्रेट को अनुपालन हेतु भेजने के आदेश दिए हैं।

