आफ़त: बारिश के बाद मकान की छत पर भरभराकर गिरे पेड़, नदियों के उफान पर आने से आवाजाही हुई बाधित
मसूरी (RNS)। मसूरी में बड़ा हादसा होने से टल गया। यहां एक मकान के ऊपर दो बड़े भरभराकर गिर गए। मसूरी स्प्रिंग रोड स्थित भंडारी निवास के पास भारी बारिश के बाद एक मकान की छत पर दो पेड़ गिर गए। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान चलाकर पेड़ों को हटाया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
फायर ऑफिसर धीरज तड़ियाल ने बताया किसूचना मिली कि स्प्रिंग रोड स्थित सुनीता के मकान के ऊपर दो पेड़ गिर गए हैं। सूचना मिलते ही फायर यूनिट तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि मकान के पीछे का पुस्ता ढहने से उस पर टिके दो पेड़ मकान की छत पर गिर गए थे, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बन गई थी।
फायर कर्मियों ने वुडन कटर की सहायता से दोनों पेड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सावधानीपूर्वक मकान की छत से हटाया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया। राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद फायर यूनिट वापस स्टेशन लौट गई। अभियान में चालक राकेश कुमार तथा फायरमैन नितिन सिंह चौहान, अभिषेक कुकरेती और देवेंद्र मलिक शामिल रहे।

नदियां उफान पर आई
दूसरी देहरादून-मसूरी रोड पर शिव मंदिर के पास स्थित भंडार गांव के आस-पास की नदियों और मौसमी नालों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है। तेज़ी से बहते बारिश के पानी की वजह से इलाके में आवाजाही बाधित हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण ग्राम पंचायत चामासारी का संपर्क क्षेत्र के अन्य इलाकों से लगभग पूरी तरह कट गया है। कई स्थानों पर सड़कें और पैदल मार्ग भूस्खलन की चपेट में आने से बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने बताया कि बालोगंज से चामासारी तक जाने वाली मुख्य मोटर मार्ग कंपनी बाग के आगे पहाड़ी खिसकने से पूरी तरह बंद हो गई है। सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। इससे चामासारी के ग्रामीणों का मुख्य संपर्क मार्ग बंद हो गया है और बच्चों का स्कूल जाना भी प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि बारलोगंज-झड़ीपानी से सिमियाना तक लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क भी पूरी तरह बंद है। इसके अलावा सिमियाना से चामासारी तक का पैदल मार्ग भी भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। राजपुर से तालियानीगाड तक सड़क का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया है, जबकि सिमियाना कंपनी बाग से तालियानीगाड तक का मार्ग भी आवागमन के लिए अनुपयोगी हो चुका है। खेतवाला की सड़क पहले से ही बंद पड़ी है, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन की समस्या और गंभीर हो गई है।
ग्राम प्रधान विक्रम रावत ने कहा कि लगातार सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों की वस्तुएं लाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल भेजने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित स्थानों पर तत्काल जेसीबी और अन्य मशीनें भेजकर सड़कें खोलने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।


