आंदोलन: चारागाह भूमि बचाने को दूसरे दिन भी क्रमिक अनशन पर डटे रहे ग्रामीण

आंदोलन: चारागाह भूमि बचाने को दूसरे दिन भी क्रमिक अनशन पर डटे रहे ग्रामीण
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नई टिहरी(आरएनएस)।  थौलधार ब्लॉक के बौर और राम गांव की चारागाह भूमि की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में स्थानीय लोगों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पैतृक भूमि को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीण बुधवार को दूसरे दिन भी सुल्याधार में क्रमिक अनशन पर डटे रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नीलामी प्रक्रिया निरस्त नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन की ओर से बौर और राम गांव की करीब 80 नाली चारागाह भूमि की नीलामी के लिए हाल ही में निविदाएं आमंत्रित की गई थी। ग्राम पंचायतों की सहमति के बिना भूमि नीलामी की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के लोग गुस्से में है। विरोध में 19 जून से स्थानीय लोग आंदोलनरत हैं। पैतृक भूमि संरक्षण समिति के बैनर तले बीते दिन से सुल्याधार में क्रमिक अनशन शुरू किया, जो बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है सरकार भू-कानून लागू होने का दावा कर प्रदेश की भूमि को सुरक्षित रखने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर गांवों की चारागाह भूमि को नीलामी के माध्यम से बेचने की तैयारी की जा रही है। बौर और राम गांव की यह भूमि वर्षों से स्थानीय लोगों की आजीविका, पशुपालन और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने का काम करती आ रही है । ऐसे में जनभावनाओं की अनदेखी कर भूमि की नीलामी करना उचित नहीं है। उन्होंने शासन और प्रशासन से नीलामी प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की। क्रमिक अनशन पर नत्थी सिंह कैंतुरा, अभिषेक कठैत, सोबत सिंह सजवाण, शीशपाल सिंह राणा, जीत सिंह चौहान बैठे रहे।

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