मिसाल: ग्रामीणों ने श्रमदान से शुरू किया सड़क बनाने का काम, सरकार को दिखाया आईना

मिसाल: ग्रामीणों ने श्रमदान से शुरू किया सड़क बनाने का काम, सरकार को दिखाया आईना
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नैनीताल(आरएनएस)।  रामगढ़ ब्लॉक के लोशज्ञानी में ग्रामीणों ने श्रमदान कर करीब तीन किलोमीटर सड़क बना दी है। तोक काफलधारी से लोशज्ञानी गांव तक ग्रामीणों ने पांच किमी सड़क बनाने का लक्ष्य रखा है। बीते दिनों प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य रोकने के बाद ग्रामीणों ने रविवार से फिर सड़क बनानी शुरू कर दी है।बता दें, कि फल पट्टी रामगढ़ के लोशज्ञानी गांव के 300 परिवार वर्षों से सड़क की उम्मीद में थे। सरकार ने सड़क नहीं बनाई, तो ग्रामीणों ने खुद ही फावड़ा – गेंती उठा कर सड़क बनानी शुरू कर दी। युवाओं के साथ महिलाएं भी श्रमदान कर सहयोग कर रहीं हैं। रामगढ़ – नथुवाखान मोटर मार्ग में नावली से लोशज्ञानी गांव तक पांच किमी सड़क बनने की कवायद 2016 से शुरू की गई थी। बताया 2017 और 2022 में विधान सभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों को प्रत्याशियों न गांव तक सड़क पहुंचाने का आश्वासन दिया था। कई बार प्रशासन की विभिन्न विभागों की टीमें सर्वे को गांव पहुंची, पर ग्रामीणों को सड़क नहीं मिली। आरोप लगाया कि अब फिर से आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी है और सड़क बनाने का आश्वासन दिया जा रहा। लेकिन अब वे कोरे आश्वासन में नहीं फंसेंगे। ग्रामीणों ने एकजुट होकर तोक काफलधारी से लोशज्ञानी गांव के लिए सरकार से पहले ही खुद सड़क श्रमदान से बना रहे हैं। करीब तीन किमी सड़क बना ली गई है। श्रमदान से निर्माण कार्य प्रगति पर है। ग्राम प्रधान ओम प्रकाश आर्या ने बताया कि गांव में सड़क न होने से बीमार लोग आपातकाल स्थिति में अस्पताल समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। तीन लोग रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने का निर्णय लिया। बीते दिनों निर्माण कार्य रुकवाने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची थी। जिसके बाद अब पुन : रविवार से ग्रामीणों ने सड़क बनाना शुरू कर दिया है। सामूहिक श्रमदान अभियान में ग्राम प्रधान ओम प्रकाश, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह बिष्ट, सरपंच प्रताप सिंह, पूर्व प्रधान हरीश आर्य, मदन लाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी, इंद्रा देवी, सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह बिष्ट आदि शामिल हैं।

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