भागीदारी: छह दिवसीय तितली महोत्सव में जैव विविधता से रूबरू हुए छात्र-छात्राएं
नई टिहरी। जौनपुर ब्लॉक के प्रसिद्व पर्यटक स्थल देवलसारी में छह दिवसीय तितली महोत्सव के चौथे दिन विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं ने देवलसारी पहुंचकर क्षेत्र के जैव विविधता के बारे में जाना। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। तितली महोत्सव के आयोजक व देवलसारी पर्यावरण संरक्षण एवं विकास समिति के निदेशक अरुण गौड़ ने बताया कि पहले दिन मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल डाॅ.धीरज पांडेय ने महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि देवलसारी जैसे प्राकृतिक और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से प्रकृति संरक्षण के साथ रोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर देते हुए ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। महोत्सव में प्रतिभाग करने के लिए तितली ट्रस्ट के संजय सोंधी, कृष्ण मेघ कुंटे सहित दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट के 10 छात्र-छात्राएं भी देवलसारी पहुंचे है। जंगल भ्रमण के दौरान छात्रों ने जैव विविधता व तितलियों की प्रजातियों के बारे में जाना। महोत्सव के आयोजक गौड़ ने बताया कि देवलसारी क्षेत्र में हिमालयन प्रोनिया, यलो ब्रेस्टेड, ग्रीन पिच, लोंग टेल मिनिविट, हिमालय ग्रिप्रिन, हिमालय ब्लैक लोर्ड टिट, ब्लैक फैगुलेन, लार्ज विल्ड क्रो, ब्राउन हुड आन, हिमालयन प्रनिया, यलो बेस्टेड, लाग टेल पक्षियों की प्रजातियां मौजूद हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान प्रियंका देवी, मुरारी लाल, राजेश राणा, राज्य आंदोलनकारी सोमवारी लाल नौटियाल, गढ़वाली रामायण के लेखक देवेंद्र प्रसाद चमोली, केशर सिंह आदि मौजूद रहे।

