देहरादून ब्रेकिंग: पोस्टर से गायब हुए BJP के दो दिग्गज, पार्टी बोली- ‘मजदूरों को नहीं पता नेताओं की अहमियत’

देहरादून ब्रेकिंग: पोस्टर से गायब हुए BJP के दो दिग्गज, पार्टी बोली- ‘मजदूरों को नहीं पता नेताओं की अहमियत’
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देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर राजधानी देहरादून पूरी तरह भगवामय हो चुकी है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर बलबीर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय तक शहर के सभी प्रमुख मार्ग बड़े-बड़े होर्डिंग्स, स्वागत द्वारों और दिग्गजों के कटआउट्स से पटे पड़े हैं। लेकिन, इस भव्य स्वागत और शक्ति प्रदर्शन के बीच देहरादून के सियासी गलियारों में एक नई चर्चा ने जोर पकड़ लिया है।

मुख्य रूट से दो बड़े दिग्गज गायब, चर्चाएं तेज

हैरानी की बात यह है कि एयरपोर्ट से लेकर रिस्पना पुल और पार्टी कार्यालय तक के मुख्य रूट पर प्रदेश के दो सबसे कद्दावर नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की तस्वीरें लगभग गायब हैं।

पूरे रास्ते में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, सीएम पुष्कर सिंह धामी सहित कई सांसदों (अजय भट्ट, अजय टम्टा, माला राज्यलक्ष्मी शाह) और नेताओं के पोस्टर प्रमुखता से दिख रहे हैं, लेकिन इन दोनों दिग्गजों के कटआउट खोजने से भी नजर नहीं आ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन वाले मुख्य मार्ग से इन दोनों चेहरों का गायब होना अब अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा कर रहा है।

BJP संगठन की अजीब सफाई: ‘मजदूरों को नेताओं की अहमियत नहीं पता’

इस पूरे प्रचार अभियान और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने इसे किसी भी तरह की अंदरूनी गुटबाजी मानने से साफ इनकार किया है। उन्होंने अजीबोगरीब दलील देते हुए कहा:

“ऐसा नहीं है कि किसी की फोटो नहीं लगाई गई है। हो सकता है मुख्य रूट पर इन नेताओं के कटआउट कम रह गए हों। दरअसल, पोस्टर लगाने वाले मजदूरों को हर नेता की राजनीतिक अहमियत की पूरी जानकारी नहीं होती है। अगर कहीं कोई कमी रह गई है, तो उसे दिखवाकर तुरंत ठीक कराया जाएगा।”

दावों की खुली पोल: कैंट रोड पर भी दिखे सिर्फ ‘गिनती’ के पोस्टर

संगठन के इस दावे के बाद जब जमीनी हकीकत जांची गई, तो कैंट रोड और राजपुर क्षेत्र में भी अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र रावत के गिनती के महज दो से तीन पोस्टर ही दिखाई दिए। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि जिस मुख्य रूट से राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला गुजरना है, वहां आखिर इतनी बड़ी ‘चूक’ कैसे हो सकती है?

बीजेपी भले ही इसे सामान्य तकनीकी गलती बताकर टालने की कोशिश कर रही हो, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने किए जा रहे इस बड़े राजनीतिक शो में दो वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी ने विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया है और सियासी गलियारों में गॉशिप का बाजार गर्म कर दिया है।