उत्तराखंड में Heatwave Alert: 42°C तक पहुंचेगा पारा, इन जिलों में लू का खतरा!

उत्तराखंड में Heatwave Alert: 42°C तक पहुंचेगा पारा, इन जिलों में लू का खतरा!
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Uttrakhand_42°C की चेतावनी_ घर से निकलें तो संभलकर, इन जिलों में अलर्ट

आसमान से बरस रही आग !

उत्तराखंड इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। पहाड़ों की ठंडी फिजाओं के लिए पहचाने जाने वाले प्रदेश में अब मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक सूरज आग उगल रहा है। मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर समेत छह जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों की दिनचर्या तक प्रभावित कर दी है।

सबसे ज्यादा तपेगा यह जिला !

ऊधम सिंह नगर, खासतौर पर रुद्रपुर और काशीपुर क्षेत्र, प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गए हैं। यहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में भी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और बाजारों में भीड़ कम हो गई है।

सरकार अलर्ट मोड पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सभी जिलों को हीटवेव गाइडलाइन जारी कर दी गई है। अस्पतालों में हीटवेव मरीजों के लिए अलग वार्ड, कूलिंग सिस्टम, आइस पैक, ओआरएस और जरूरी दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की खास तैयारी

स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने साफ कहा है कि लू से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। हर जिले से रोजाना रिपोर्ट मांगी जा रही है और हीटवेव से जुड़े मामलों को आईएचआईपी प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।

इनका खास ख्याल रखें

बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और धूप में काम करने वाले मजदूर हाई रिस्क कैटेगरी में रखे गए हैं। लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घरों में रहने, हल्के कपड़े पहनने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है।

बुधवार को ऐसा रहा तापमान

शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
देहरादून 40.6°C 24.7°C
हरिद्वार 41°C 26°C
हल्द्वानी 40°C 25°C
रुद्रपुर 40.5°C 24.8°C
काशीपुर 40°C 25°C
कोटद्वार 39°C 24°C
पंतनगर 40.5°C 24.8°C

सावधान रहें, सुरक्षित रहें

मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।