खुलासा: इंजीनियर से लूट के मामले में नंबर प्लेट पर टेप लगाकर निकले थे आरोपी, केस दर्ज
देहरादून। सॉफ्टवेयर इंजीनियर से लूट और पुल से फेंकने के मामले में पुलिस ने रविवार देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब तक की जांच में पहचान गया वारदात को अंजाम देने वाला एक आरोपी नशे का आदी है। उसने अपने साथी संग साजिश के तहत स्कूटर की नंबर प्लेट का एक अंक काले टेप से छिपाया हुआ था। मुख्य आरोपी घर से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़ित आकाश के पिता विनोद कुमार की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 140(3), 3(5) और 309(6) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की जांच में एक अहम सुराग हाथ लगा है। वारदात के दौरान आरोपियों ने एक पेट्रोल पंप पर स्कूटर में तेल भरवाया था। सीसीटीवी फुटेज से पता लगा कि स्कूटर की नंबर प्लेट के एक अंक को काले टेप से छिपाया गया था। इससे स्पष्ट है कि आपराधिक इरादे से ही घर से निकले थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस परिवार का यह स्कूटर है, उनका बेटा घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। वह नशे का आदी है। पुलिस को पूरी आशंका है कि अपनी नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए ही उसने अपने साथी के साथ मिलकर लूट की इस वारदात को अंजाम दिया। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं, जिसके पकड़े जाने पर दूसरे आरोपी का भी पर्दाफाश होगा।
पिता ने केस में कहा लूट कर पुल से फेंका:
मुकदमे में लक्ष्मण चौक, कांवली रोड निवासी पिता विनोद कुमार ने कहा कि 23 वर्षीय बेटा आकाश आईटी पार्क में कार्यरत है। छह मई की रात 2:15 बजे सहस्रधारा क्रॉसिंग से दो बदमाशों ने उसे जबरन एक्टिवा पर बैठाया और सुनसान रास्ते से जामुनवाला हनुमान मंदिर पुल पर ले गए। वहां मारपीट कर उसे नीचे फेंक दिया। बदमाशों ने आकाश का आईफोन-13, एक रियलमी फोन और बैग (जिसमें 600 रुपये थे) लूट लिए। सुबह करीब छह बजे मंदिर के पुजारी और फौजियों ने आकाश को नदी से निकालकर उसकी जान बचाई और पुलिस व एंबुलेंस की मदद से दून अस्पताल पहुंचाया।

