संकट: यमुनोत्री हाईवे पर डीजल की कमी से थमी मशीनें, काम छोड़ने को मजबूर मजदूर

संकट: यमुनोत्री हाईवे पर डीजल की कमी से थमी मशीनें, काम छोड़ने को मजबूर मजदूर
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उत्तरकाशी।  चारधाम यात्रा से शुरू होने से पहले यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर डीजल और रसोई गैस की किल्लत ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण कार्य में लगी निर्माण कार्य एजेंसियों को आवश्यकता के अनुरूप डीजल नहीं मिल पा रहा है जिससे मशीनें थम गई हैं। वहीं, कार्यस्थलों पर रह रहे मजदूरों को खाना बनाने के लिए गैस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। इस समस्या के चलते कई मजदूर काम छोड़कर अपने घरों को चले गए हैं। जनपद में ईंधन संकट के चलते जहां चारधाम ऑलवेदर सड़क परियोजना सहित अन्य विकास के निर्माण कार्य प्रभावित होने से रफ्तार काफी धीमी हो गई है। वहीं काम में लगे मजदूरों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। सड़क परियोजना में कार्यरत निर्माण कार्य एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या के लिए जिला प्रशासन को भी अवगत करवाया गया है। एजेंसियों को आवश्यकता के अनुरूप डीजल नहीं मिल पा रहा है जिससे मशीनों की रफ्तार थमने लगी है। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर इन दिनों नैनबाग से लेकर बड़कोट तक करीब 50 किलोमीटर व पाली गाड़ से लेकर जानकीचट्टी तक करीब 25 किलोमीटर यमुनोत्री नेशनल हाईवे के डबल लेन चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। वहां पर कई मशीनें व मजदूर निर्माण कार्यों में लगे हुए हैं लेकिन ईंधन की कमी से मौके पर कई डंपर व मशीनों की संख्या कम कर दी गई है। गैस सिलिंडरों के अभाव में यहां कार्य कर रहे मजदूर भी घर लौटने लगे हैं। यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण कार्य में लगी निर्माण कार्य एजेंसी के परियोजना प्रबंधक गोपाली श्रीनिवासुलु रेड्डी ने डीजल रसोई गैस की कमी स्वीकारते हुए कहा कि इससे कार्य की गति प्रभावित हो रही है। जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा गया है। एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि समस्या से अवगत कराया जाएगा तो समाधान की कोशिश करेंगे।

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