विधानसभा परिसीमन का आधार ‘जनसंख्या’ नहीं ‘क्षेत्रफल’ होः लखपत बुटोला

विधानसभा परिसीमन का आधार ‘जनसंख्या’ नहीं ‘क्षेत्रफल’ होः लखपत बुटोला
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चमोली। बद्रीनाथ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने उत्तराखंड के आगामी विधानसभा परिसीमन को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। पोखरी भ्रमण के दौरान कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए परिसीमन का आधार केवल जनसंख्या नहीं, बल्कि क्षेत्रफल होना चाहिए।विधायक बुटोला ने तर्क दिया कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में दूरस्थ गांवों की भौगोलिक चुनौतियां मैदानी क्षेत्रों से बिल्कुल भिन्न हैं। उन्होंने कहा”यदि केवल जनसंख्या को मानक मानकर परिसीमन किया गया, तो पहाड़ की कई विधानसभा सीटें खत्म हो जाएंगी। इससे पर्वतीय क्षेत्रों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर होगा और विकास की धारा मुख्यधारा से कट जाएगी।”
पहाड़ के एक गांव से दूसरे गांव की दूरी और वहां तक पहुंचने की कठिनाइयां मैदानी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक  बड़ा क्षेत्रफल होने के कारण एक विधायक के लिए सभी क्षेत्रों तक विकास योजनाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। जनसंख्या के आधार पर सीटें घटने से सीमांत क्षेत्रों की उपेक्षा बढ़ेगी, जो सामरिक और सामाजिक दृष्टि से घातक है।
पोखरी पहुंचे विधायक बुटोला का स्थानीय जनता ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन भी दिया। परिसीमन पर उनके इस रुख को स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है, क्योंकि पहाड़ में सीटों के घटने का डर लंबे समय से बना हुआ है।

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