अपराध की राजधानी बना रहा उत्तराखंड, हरीश रावत ने धामी सरकार को घेरा

अपराध की राजधानी बना रहा उत्तराखंड, हरीश रावत ने धामी सरकार को घेरा
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रामनगर। उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर हो रखा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने एक बार फिर से सरकार पर निशाना साधा है। हरीश रावत ने रामनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला है।
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है। राजधानी देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश अपराध की चपेट में है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि, मानव तस्करी, नशाखोरी और भ्रष्टाचार जैसे मामलों ने राज्य की छवि को धूमिल किया है।
हरीश रावत ने दावा किया है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से जुड़े अपराधों में उत्तराखंड शीर्ष राज्यों में गिना जा रहा है। अंकिता हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जब भाजपा के वरिष्ठ नेता ही सरकार को कानून-व्यवस्था और खनन जैसे मुद्दों पर नसीहत दे रहे हैं, तो हालात की गंभीरता समझी जा सकती है। देहरादून में हाल में हुए विक्रम शर्मा हत्याकांड को लेकर भी हरीश रावत ने सवाल किया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, उसे लाइसेंसी हथियार और व्यवसाय की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े कुछ लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिससे पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में असमर्थ हो रही है। हाल ही में लक्सर क्षेत्र में पुलिस हिरासत में अपराधी विनय त्यागी की भी गोली मारी गई थी। इस घटना को हरीश रावत ने संगठित अपराध का बताया है। वहीं खनन के मुद्दे पर हरीश रावत ने प्रदेश की नदियों का अंधाधुंध दोहन हो रहा है और खनन माफिया नए-नए रास्ते बनाकर संसाधनों की लूट में लगे हैं।
हरीश रावत का कहना है कि अपराध से धन कमाने वालों के लिए उत्तराखंड स्वर्ग बनता जा रहा है। अवैध नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए रावत ने कहा कि सूखे नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। प्रदेश उड़ता पंजाब की तर्ज पर उड़ता उत्तराखंड बनता जा रहा है।
हरीश रावत का कहना है कि सरकार ही युवाओं को नशे से बाहर नहीं निकलने देना चाहती है। क्योंकि युवा नशे से बाहर निकलेगा तो वो सत्ता से सवाल करेगा। इसलिए सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के नौ ज्वलंत मुद्दों पर देहरादून में लोक भवन का घेराव कर आंदोलन की शुरुआत कर दी है। अब यह आंदोलन जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा। हरीश रावत ने मांग की है कि वन गांवों और अन्य स्थानों पर बसे गरीबों को उजाड़ने के बजाय उनका नियमितीकरण किया जाए। रावत ने अंत में कहा कि यदि कानून व्यवस्था, नशाखोरी और भ्रष्टाचार पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।

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