शातिर दिमाग: दिल्ली बम ब्लास्ट में मोबाइल नंबर प्रयोग होने का डर दिखाकर डॉक्टर से लाखों की ठगी
देहरादून। थाना प्रेमनगर क्षेत्र के धुलकोट में स्थित एक निजी क्लिनिक के डॉक्टर को साइबर ठगों ने उसका मोबाइल नंबर दिल्ली ब्लास्ट में शामिल व्यक्ति ने इस्तेमाल करने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए लाखों रुपये ठग लिए। साथ ही साइबर ठगों ने डॉक्टर को 10 लाख रुपए का लोन लेकर ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था। डॉक्टर की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बता दें कि दीपक कुमार निवासी धूलकोट प्रेमनगर ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह निजी क्लिनिक चलाते हैं और 20 नवंबर को उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया जिसने अपनी पहचान अरुण कुमार सब इंस्पेक्टर एएनआई नई दिल्ली के रूप में दी। व्यक्ति ने कहा कि उनका आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल एक मोबाइल के लिए किया गया है। यह मोबाइल नंबर दिल्ली ब्लास्ट में शामिल व्यक्ति ने इस्तेमाल किया है। आगे की कार्रवाई और समाधान के लिए एक मोबाइल नंबर दिया गया। उसके बाद एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल की, जोकि पुलिस वर्दी में था।
प्रेमनगर थाना प्रभारी गिरीश नेगी कहा कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही जिन खातों में रुपए गए हैं, उन खातों की जांच की जा रही है।
उसने अपनी पहचान एटीएस अधिकारी के रूप में दी और तरह-तरह की बातों में उलझाया और कहा कि आपका एक बैंक में खाता चल रहा है। इस खाते से दिल्ली ब्लास्ट की घटना में शामिल व्यक्ति की ओर से धन का उपयोग भी किया गया है। व्यक्ति ने उनके एक डेबिट कार्ड की फोटो भी पीड़ित को भेजी। साइबर ठगों ने कुछ लिंक और कार्रवाई की बात कही गई। उसके बाद साइबर ठगों ने पीड़ित को पेमेंट के कुछ लिंक भेजे और कहा कि इस पर रकम भेजो, जिससे खातों में हुए लेनदेन का मिलान किया जा सके। पीड़ित ने डर के मारे साइबर ठगों के दिए गए लिंक खोलकर 20 नवंबर 2025 को दो लाख 34 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। उसके बाद साइबर ठगों ने और रकम भेजने को कहा तो पीड़ित ने रुपए न देने की बात कही। जिस पर साइबर ठगों ने 10 लाख रुपए का लोन लेकर अन्य कुछ ट्रांजैक्शन करने को कहा गया। पीड़ित ने जब अपने पहचान के लोगों से बातचीत की तो जानकारी मिली कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। जिसके बाद वह तत्काल पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचा।
