आरोप: ‘जल, जंगल और जमीन बेचने में लगी है सरकार’ ; नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का सियासी हमला

रुद्रपुर। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार जल, जंगल और जमीन बेचने में लगी है। दलित, पिछड़ों और गरीबों समेत समाज के हर वर्ग का शोषण किया जा रहा है। सितारगंज के प्रह्लाद पल्सिया और राजनगर में लोगों को बेदखल करना भी इसी रवैये का हिस्सा है। प्रह्लाद पल्सिया पहुंचकर उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और आश्वस्त किया कि कांग्रेस उन्हें किसी भी हालत में उजड़ने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सरकार को हटाने से पहले विस्थापितों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी होगी। धरने के 11वें दिन शनिवार को सभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष आर्य ने कहा कि राजनगर और प्रह्लाद पल्सिया में बसे परिवारों को हटाना मानवीय दृष्टिकोण से गलत है। सैकड़ों पट्टे निरस्त होने की आशंका है, जिससे कई परिवार बेघर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने भूमिधरी अधिकार दिए थे, लेकिन भाजपा ने 13 वर्षों में इनमें कमी दूर करने की बजाय लोगों के अधिकार छीनने का काम किया। आरोप लगाया कि हैदराबाद की एक कंपनी नदियों की खुदाई कर रही है और उसी कंपनी ने भाजपा को करोड़ों का चंदा दिया है, जिसके चलते सरकार उसके आगे नतमस्तक है। उन्होंने कहा कि तराई में कई राज्यों और पूर्वी पाकिस्तान से आए लोगों को कांग्रेस ने पुनर्वास विभाग बनाकर बसाया और उनकी समस्याओं का समाधान किया। भाजपा शासन में आयोग भी सरकार की कठपुतली बन गए हैं, जो जनता की पीड़ा पर मौन हैं। उन्होंने कहा कि सितारगंज में विधायक रहने के दौरान उन्होंने सिडकुल बनवाकर रोजगार सृजन कराया और 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार का प्रावधान लागू कराया। उन्होंने कहा कि नोटिस देकर अगले ही दिन बुलडोजर भेजना न्यायसंगत नहीं है। अन्याय और अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस हमेशा खड़ी रहेगी। नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि बंगाली समाज के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। ये रहे मौजूद कांग्रेस प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित मंडल, पूर्व पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम आचार्य, नगर अध्यक्ष सरताज अहमद, हरपाल सिंह, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. गणेश उपाध्याय, रामचंद्र राय, ममता हालदार, करन जंग, त्रिनाथ विश्वास, सुब्रत विश्वास, रामनगीना प्रसाद, अख्तियार पटौदी, मधुसूदन सरकार, उत्तम हालदार, रवि, सुकुमार चक्रवर्ती, ब्रजेन मंडल, सपन राय, सरस्वती बाला, बसंती राय, सविता राय, अनिमा राय, पारितोष पाठक।


