Home उत्तराखंड आवाज़: लाॅकडाउन, पैट्रोल मूल्यवृद्धि  के बाद अब टोलप्लाजा के नाम पर लूट 

आवाज़: लाॅकडाउन, पैट्रोल मूल्यवृद्धि  के बाद अब टोलप्लाजा के नाम पर लूट 

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अनंत आकाश
देहरादून, 13 मार्च।

पिछले साल लाॅकडाउन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर उत्तराखंड सरकार ने सार्वजनिक व निजी वाहनों के किराये में 30℅ से भी अधिक वृद्धि की। इससे कुछ महीने पूर्व भी राज्य सरकार ने किराया वृद्धि की थी । पहले मैं बल्लीवाला चौक से 5 रुपये में घण्टाघर जाता रहा हूँ।  इसके कुछ माह बाद ही से 7 रुपये तथा अब 15 रुपये का भुगतान कर रहा हूँ । यानि दो सालों में तीन गुना बढ़ोत्तरी । पैट्रोल , डीज़ल के मूल्यों में भारी वृद्धि के कारण बढ़ा हुआ किराया जारी रहा । जबकि सरकार ने वायदा किया था कि कुछ माह बाद ही बढ़ हुआ किराया वापस लिया जाएगा किन्तु पिछले कुछ दिनों से लक्ष्छीवाला टोलप्लाजा के कारण सभी प्रकार के किराये में वृद्धि की जा चुकी है। हरिद्वार वह देहरादून का बस किराया अब बढ़ाकर 95 रुपये तथा 98 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा ऋषिकेश तथा अन्य जिलों के परिवहन किराए में भी भारी वृद्धि करना लूटखसोट के अलावा कुछ नहीं है । एक तरफ सबका साथ, सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा की उत्तराखंड की डबल इन्जन सरकार है ,जो केन्द्र की मोदी सरकार के नक्शे कदम पर है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र  सरकार है जिसने जनता की तकलीफों को देखते हुए, बावजूद इसके कि  तेल के दाम आसमान छू रहे हैं ,सभी प्रकार के परिवहन किराए में भारी कटौती की है, जो स्वागतयोग्य कदम है। केरल की वामपंथी सरकार का तो क्या कहना, वहां हरेक क्षेत्र में जनता को राहत मिल रही है । इसी टोल प्लाजा के बाहर एक साईन बोर्ड भी लगा हुआ है कि  ऑनलाईन टोल भुगतान के बजाय नगद में दुगना भुगतान देना होगा । सच तो यह है कि काॅरपोरेटपरस्त गठबंधन नियम कायदों को कुछ नहीं मानता । उसका मुख्य मकसद जनता को येनकेन प्रकारेण लूटना है ।