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आवाज़: रोजगार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खींचा सरकार का ध्यान

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संवाददाता
देहरादून, 15 मार्च।

सीपीएम से जुड़े छात्र, युवा, मजदूर व कर्मचारी संगठनों ने रोजगार के मुद्दे पर अपनी आवाज़ मुखर की है। इस सिलसिले में सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू), डेमोक्रेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के तत्वावधान में  बेरोजगारी, नौकरियों का खात्मा, रोजगार की गुणवत्ता में गिरावट जैसे मुद्दों पर एक संयुक्त प्रान्तीय कन्वेंशन देहरादून में आयोजित किया गया। जैन धर्मशाला के सभागार में आयोजित  इस कन्वेंशन की अध्यक्षता 6 सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की।


सम्मेलन में 15 सूत्रीय मांगों पर संयुक्त संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। इन मांगों में अस्थाई रोजगार के मुद्दे पर नीति तैयार करने के लिए सरकार पर दबाव डालने, ठेका, आकस्मिक रोजगार और कल्याण में सरकारी स्वेच्छिक कार्य के तहत, एससी/एसटी आदि के लिए सवैंधानिक प्रावधानों के अनुसार आरक्षण के सभी बैकलॉग की सभी सरकारी, सार्वजनिक उपक्रमों की रिक्तियों की भर्ती, रोजगार में आरक्षण के लिये सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन करवाना, निजी क्षेत्र में आरक्षण की वृद्धि लागू करवाना, सप्ताह में 35 घंटे व 4 शिफ्ट के कार्य दिवस को लागू करवाना, बालश्रम के प्रावधान को शक्ति से लागू करवाना, नियमित स्कूलों में इन बच्चों का नामांकन तथा सरकारी सहायता से इनको पुनर्वासित करना, बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि पर सार्वजनिक व्यय, निवेश बढ़ाना, अच्छे अस्थाई रोजगार का सृजन करवाना, सरकार, पीएसयू कर्मचारियों की समय पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर रोक लगवाना, सरकारी खजाने से निजी-कॉर्पोरेट के लिए प्रोत्साहनों/रियायतों को स्थायी नौकरी के साथ सीधे जोड़ने, अनिश्चित रोजगार, असुरक्षित रोजगार की सुविधा प्रदान करने वाले सभी कदमों/नीतियों को समाप्त/वापास लेने, एक घर के एक व्यक्ति के बजाय रोजगार चाहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए मनरेगा की मजदूरी बढ़ाकर 600 व कार्यदिवस बढ़ाकर 200 प्रति वर्ष करने, वैधानिक उपायों के माध्यम से 5000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगार भत्ता देने, संविधान में उपयुक्त संशोधन के माध्यम से काम का अधिकार एक मौलिक अधिकार बनाने, उत्तराखंड के औद्योगिक क्षेत्रों में 70 प्रतिशत स्थायी लोगों को रोजगार देने का कानून बनाने की मांग के प्रस्ताव पारित किए गए।
कन्वेंशन में राज्यभर से आऐ प्रतिनिधियों ने चर्चा कर अपने सुझाव रखे। इनमें प्रमुख रूप से सीटू के जिला देहरादून के महामंत्री लेखराज, मनमोहन सिंह सीटू सचिव चमोली, हरिद्वार से इमरत सिंह जिला सचिव सीटू, देवेन्द्र रावल डीवाईएफआई, आशुतोष नेगी एसएफआई श्रीनगर, आंगनबाड़ी से चित्रा, आशा सुनीता चौहान तथा भोजन माताओ से दर्शनी राणा, आदि प्रमुख थे ।
कन्वेंशन में सीआईटीयू के प्रान्तीय महामंत्री महेंद्र जखमोला, एसएफआई अध्यक्ष नितिन मलेठा, महामंत्री हिमांशु चौहान, डीवाईएफआई प्रान्तीय उपाध्यक्ष गगन गर्ग, महामंत्री राजेश्वर आदि ने सम्बोधित किया। इस कन्वेंशन का सीटू के प्रान्तीय महामंत्री महेन्द्र जखमोला ने उद्घाटन किया। इससे पूर्व जोशीमठ आपदा के मृतकों तथा किसान आन्दोलन तथा अन्य घटनाओं में मृतकों तथा शहीदों के समान में दो मिनट का मौन रखा गया ।
इस अवसर पर अनंत आकाश, कमलेश खंतवाल, दिनेश नौटियाल, सतीश धौलखण्डी, कृष्ण गुनियल, राम सिंह भंडारी, रविन्द्र नौडियाल, भगवंत पयाल, शेलेन्द्र परमार, अमन कंडारी, मनमोहन रौतेला, भगत सिंह, अरविंद, संजय, ताजवर, सुप्रिया भंडारी, सुमन नेगी, मिनक्सी, खुशी, निकिता, दाऊद, तरुण, नरेंद्र सिंह, नीरज यादव, नीरा कंडारी, अंजू भंडारी, सुनीता पाल, राम कुमारी, पूनम, मंजू , मीनू , सत्य वती, अनुराधा, महेश चंद, सत्यम, राजेश अग्रवाल आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।