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राहत: जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस, वायरस की संदिग्ध युवती में नहीं मिले कोरोना के लक्षण

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नारायण सिंह रावत
सितारगंज- कोरोना के डर में जी रहे प्रदेशवासियों  और यहां के प्रशासन के लिए राहत भरी खबर है। ग्रीस से यहां के बिज्टी गांव पहुँची  22 वर्षीय युवती में फिलहाल कोराना वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से युवती व उसके पूरे परिवार को स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें उनके ही घर पर रहने के निर्देश दिये हैं। 14 दिन तक इस पूरे परिवार का सुबह शाम स्वास्थ्य परीक्षण होगा। बरहाल कोराना वायरस के लक्षण न मिलने पर ग्रामीणों, नगरवासियों, स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी राहत महसूस की है।
उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह अचानक ही सितारगंज के बिज्टी गांव में एक युवती कथित व संदिग्ध रूप से कोराना वायरस पीड़ित बताई गई। कुछ लोगों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मच गया। धीरे-धीरे यह खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। इसके चलते समूचे क्षेत्र में भय व असुरक्षा का माहौल बन गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कथित पीड़िता के घर पहुँच कर उसका व पूरे परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिसमें प्रथम दृष्टया युवती मनप्रीत कौर व उसके परिवार में किसी में भी कोराना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। इससे चिकित्सकों की टीम ने बड़ी राहत महसूस की। हालांकि फिर भी चिकित्सकों की टीम ने पूरे परिवार का सैम्पल लेकर जिला मुख्यालय रुद्रपुर जांच हेतु भेज दिया है। साथ ही किए गए स्वास्थ्य परीक्षण की रिपोर्ट भी आला अधिकारियों को भेज दी गई है।
इधर सहायक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अविनाश खन्ना ने बताया कि बिज्टी गांव निवासी करनैल सिंह की पुत्री मनप्रीत कौर (22 वर्ष ) ग्रीस देश में पिछले तीन चार महीनों से रह रही थी। 13 मार्च 2020 को मनप्रीत ग्रीस से बहरीन होते हुए दिल्ली पहुंची, जिसका दिल्ली में एयर पोर्ट पर स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। तदुपरांत उसे चैकआउट दिया गया। बाद में  मनप्रीत बोल्वो बस से सितारगंज पहुँची। यहाँ पहुँचते ही यह खबर फैल गई कि उसे कथित तौर पर कोराना वायरस हो सकता है। बस फिर क्या था, यह खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। फिलहाल चिकित्सा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिवार में किसी में भी कोराना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। अलबत्ता सावधानी के तौर पर पूरे परिवार को घर में ही रहने को कहा गया है। साथ ही 14 दिन तक रोज सुबह शाम परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सभी ने बड़ी राहत की  सांस ली है।