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मिसाल:  शिक्षक हो तो सन्तूदास जैसा, ईमानदारी की मिसाल पेश कर बढ़ाया शिक्षक समुदाय का सम्मान

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अमर सिंह कश्यप
कोटद्वार-  यहां एक शिक्षक ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिससे पूरे शिक्षक समुदाय का सम्मान बढ़ा है। शिक्षक ने सड़क पर मिला पर्स  उसके मालिक को लौटा कर बता दिया कि दूसरों को शिक्षा देने वाले व्यक्ति का स्वयं का चरित्र भी अनुकरणीय होना चाहिए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय नगधार में सेवारत  सहायक अध्यापक सन्तूदास   दुगड्डा की ओर से  कोटद्वार को आ रहे थे तो  पांचवें मील के नजदीक उन्हें सड़क के किनारे एक पर्स और कुछ कागजात बिखरे हुए मिले।उन्होंने गाड़ी रोककर पर्स उठाया तो उस में 6300 रुपए की नकदी, 5 ATM कार्ड, आधार कार्ड व पैन कार्ड सहित जरूरी बिल आदि थे। वह पर्स लेकर कोटद्वार थाने में जमा करने के मकसद से  जाने लगे। तभी उन्होंने जाने से पहले पर्स और अन्य सामान की जाँच पड़ताल की तो उन्हें उसमें कुछ मोबाइल नम्बर लिखे हुए मिले।
उन नंबरों पर सम्पर्क करने पर रोहित सिंह रावत, ग्राम- अमलेसा, लैंसडौन का मोबाइल नम्बर भी मिला। उनसे सम्पर्क करने पर पता चला कि गुजरात में नौकरी कर रहे रोहित सिंह रावत गाँव से स्कूटी से कोटद्वार के लिये निकले थे तो रास्ते में उनकी जेब से पर्स कहीं गिर गया था । इस पर शिक्षक सन्तूदास ने उन्हें अपने पास बुलाकर जरूरी कागजात सहित 6300 रुपये वापिस कर दिये ।
रोहित रावत ने गुरूजी के पैर छूकर धन्यवाद दिया और अपने जरूरी कागजात व रुपए वापिस मिल जाने पर खुशी जताई।