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प्रोत्साहन : गांव की महिलाओं को उपकरण किए वितरित, सिलाई, बुनाई ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन

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संवाददाता

गोपेश्वर- सीमांत क्षेत्र नीति एवं बाम्पा गांव की महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए महिला समूहों को प्रशासन ने सिलाई,कताई सहित अन्य उपकरणों का वितरण किया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने इस मौके पर महिलाओं से और अधिक मेहनत एवं लग्न से कार्य करने की अपील की। सोमवार को डीएम ने महिला समूहों को सिलाई एवं नीटिंग मशीन का वितरण किया गया। इस के तहत महिला समूहों को 8 सिलाई मशीन तथा 7 नीटिंग मशीन उपलब्ध कराई गई। उल्लेखनीय हैं कि 13 जुलाई को सीमांत क्षेत्र के गांवों का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं जानी थी। इस दौरान नीति एवं बाम्पा की महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र की महिला समूह परम्परागत हस्तशिल्प परिधानों की सिलाई, बुनाई ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। और इस कार्य में सीमांत क्षेत्र की महिलाए निपुण भी है, लेकिन उनके पास सिलाई मशीन तथा नीटिंग मशीन न होने के कारण हाथों से बुनाई करने में अधिक समय लगता है जिससे उनको कोई खास लाभ नही मिलता।
सीमांत क्षेत्र की महिलाएं बेहद खुश नजर आई
उन्होंने जिलाधिकारी से सिलाई मशीन एवं नीटिंग मशीन दिलाने की मांग की थी। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम भदौरिया ने सीएसआर फंड से महिला समूहों के लिए 8 सिलाई मशीन तथा 7 नीटिंग मशीन क्रय करावाते हुए, समूह को सौपी सिलाई, बुनाई के लिए मशीनें मिलने पर सीमांत क्षेत्र की महिलाएं बेहद खुश नजर आई। कहा कि मशीनें मिलने से उनको काफी फायदा मिलेगा। जिस काम को हाथ से करने में उनको 10 से 15 दिन लगते थे अब वे मशीन की मदद से उस काम को एक दिन में ही कर सकते है । इससे उनकी आजीविका भी बढऩे की उम्मीद हैं। सीमांत क्षेत्र की महिलाओं ने जिलाधिकारी की भूरी भूरी प्रंशसा करते हुए उनका धन्यवाद किया। डीएम ने महिलाओं को अधिक से अधिक परम्परागत वस्त्र तैयार करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने भी महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए अपनी शुभकामनाएं दी।