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विरोध: केंद्र पर निजीकरण के ज़रिए रोज़गार छीनने का आरोप,  जनमुद्दों को लेकर संघर्ष करेगी माकपा- बीजू कृष्णन 

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देहरादून(संवाददाता)-
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी जन मुद्दों के पक्ष में तथा मोदी सरकार की जनविरोधी व साम्प्रदायिक नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज़ करेगी । उक्त विचार सीपीआई एम केन्द्रीय कमेटी के सदस्य कामरेड बीजू कृष्णन ने सीपीएम उत्तराखण्ड राज्य कमेटी द्वारा आयोजित वर्चुअल बैठक को सम्बोधित करते हुई कही ।उन्होंने कहा है कि कोविड 19 के चलते करोड़ों लोगों को अपना रोज़गार खोना पड़ा है जिस कारण देशभर की जनता के सामने पहले की अपेक्षा संकट कई गुना बढ़ गया है। मोदी सरकार इस संकट से निपटने की बजाय संकट को बढ़ाने व संकट की आड़ में जनता के मध्य वैमनस्यता बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने निजीकरण द्वारा रोज़गार छीनने का कार्य किया है। आज मोदी सरकार द्वारा आम जनता एवं अपने राजनैतिक विरोधियों का तरह तरह से उत्पीड़न जारी है। नागरिकता कानून के विरोधियों से चुन चुन कर बदला लिया जा रहा है ।अपराधियों को सरकारी संरक्षण मिला हुआ है। संवैधानिक संस्थाओं पर हमला जारी है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी इन मुद्दों पर बड़ी शिद्दत के साथ संघर्ष कर रही है। हमारी पार्टी सभी परिवारों को छ: माह तक 10 किलो मुफ्त राशन, गैर आयकर दाताओं के खाते में छ: माह तक मुफ्त राशन, मनरेगा के तहत 200 दिन का काम, शहरों में रोज़गार की योजना लागू करने,  निजीकरण पर रोक लगाने,  स्वास्थ्य योजना का विस्तार करने तथा घरेलू हिंसा पर रोक लगाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। बैठक की अध्यक्षता कामरेड सुरेंद्र सिंह सजवाण ने तथा संचालन राज्य सचिव राजेन्द्र सिंह नेगी ने किया। बैठक में इन्दु नौडियाल, महेंद्र जखमोला, भूपालसिंह रावत,भगवान सिंह राणा, अनन्त आकाश, लेखराज, शिवपप्रसाद देवली, मदन मिश्रा, दिनेश पाण्डेय, सुरेंद्र रावत , आर सी धीमान, आर पी जोशी व आर पी जखमोला आदि ने विचार व्यक्त किये।