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शिकंजा: पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला शातिर ठग गिरफ्तार, करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में था फरार

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देहरादून ( संवाददाता)–  लंबे समय से  पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा शातिर ठग मृणाल धूलिया आखिरकार पुलिस के शिकंजे में फंस ही गया। गौरतलब है कि आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, हर्रावाला में नियुक्ति दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला यह शातिर ठग पिछले 1 वर्ष से फरार चल रहा था।  ढाई हजार के इनामी अपराधी मृणाल धूलिया को देहरादून की नेहरू कालोनी पुलिस ने सोमवार को  दिल्ली- सोनीपत हाइवे से गिरफ्तार कर लिया। धूलिया के अपराध की कहानी पिछले वर्ष तब सामने आई थी जब बेरोजगार आयुर्वेदिक फार्मसिस्ट संघ के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष  आजाद डिमरी द्वारा थाना नेहरू कॉलोनी पर जनवरी वर्ष 2019 में अपराध संख्या 13/19 धारा 420 406 506 में अभियोग पंजीकृत कराया गया था। डिमरी का आरोप था कि मृणाल धूलिया द्वारा उनके उनके कई साथियों से फार्मेसिस्ट के पदों को सृजित करने एवं फार्मसिस्ट के पदों पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर करीब ₹54 लाख ठग लिए गए एवं नियुक्ति नहीं दिलाई गई। रुपए वापस मांगने पर बाद में कुल 87 लाख के चेक दिए लेकिन सभी बाउंस हो गए।
 शिकायतकर्ता की तहरीर के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी पर अभियोग पंजीकृत हुआ था। पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन मृणाल धूलिया परिवार सहित देहरादून से फरार हो गया था।
पुलिस द्वारा धूलिया की सघनता से तलाश की जा रही थी लेकिन तभी मृणाल धूलिया द्वारा माननीय उच्च न्यायालय से अरेस्टिंग स्टे प्राप्त कर लिया था जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा मृणाल धूलिया को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया गया था लेकिन मिला धूलिया माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार भी पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ जिस पर थाना पुलिस टीम विवेचक द्वारा न्यायालय में रिपोर्ट प्रेषित की गई जिस आधार पर अभियुक्त का स्टे खारिज हुआ है लेकिन मृणाल धूलिया लगातार फरार चल रहा था
पुलिस टीम द्वारा माननीय न्यायालय से गैर जमानती वारंट एवं कुर्की वारंट प्राप्त किया गया
मृणाल धूलिया की तलाश में पुलिस टीम दो बार मुंबई एवं दिल्ली भी गई थी लेकिन मृणाल धूलिया लगातार पुलिस से बचकर छिपता रहा।
 मृणाल धूलिया के विरुद्ध थाना डोईवाला पर भी आयुर्वेदिक पंचकर्म कोर्स कर रहे छात्रों से कोर्स के नाम पर पैसे लेने एवं डिग्री न देने के संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें भी धूलिया एवं उसकी पत्नी योगिता धूलिया लगातार फरार चल रहे थे, जबकि मृत्युंजय मिश्रा की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मृणाल धूलिया द्वारा करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार होने पर पुलिस द्वारा लगातार धूलिया की तलाश जारी थी। धूलिया पर ₹2500 इनाम घोषित था। 4 जुलाई को पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मृणाल धूलिया दिल्ली में ग्रीन पार्क एरिया में किसी सोसाइटी में फ्लैट में किराए पर रह रहा है
थाना नेहरू कॉलोनी से चौकी प्रभारी आशीष रावत के नेतृत्व में एक टीम नई दिल्ली के लिए रवाना की गई किंतु टीम जब तक टीम दिल्ली पहुंची, मृणाल धूलिया दिल्ली से जम्मू के लिए रवाना हो चुका था। दिल्ली में कोरोनावायरस के चलते पुलिस टीम तुरंत वापस आई एवं जम्मू से वापसी आने का इंतजार करने लगी एवं मुखबिर को सक्रिय किया गया।
सोमवार 6 जुलाई को पुनः सूचना प्राप्त हुई कि मृणाल धूलिया जम्मू में मीटिंग के बाद वापस दिल्ली आ रहा है। इस पर तुरंत चौकी प्रभारी आशीष रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिल्ली सोनीपत- हाईवे से मृणाल धूलिया को गिरफ्तार  कर थाना नेहरू कॉलोनी पर लाकर दाखिल किया। गया मृणाल धूलिया को  मुकदमे में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी धूलिया द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अभियुक्त मृणाल धूलिया मूल रूप से कोटद्वार का रहने वाला है। वर्ष 2006 से 2011 तक मुंबई में कंसल्टेंसी की जॉब करता था। वर्ष 2011 में देहरादून में आकर रहने लगा। इसी दौरान धन्वंतरी पंचकर्म रमन नंबूदिरि के साथ मिलकर आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय हर्रावाला से पंचकर्म कोर्स का एमओयू हुआ था। उसी दौरान मृत्युंजय मिश्रा से मुलाकात हुई थी।  इसी दौरान ही कई लोगों से रोजगार के नाम पर पैसे लेकर  पंचकर्मा कोर्स कराने के नाम पर कई लोगों को दाखिला दिलाया था एवं कई लोगों से पैसे ठग लिए थे। बाद में पैसे ना होने पर वापस देने के लिए लोगों को चेक दिया।  चेक भी बाउंस होने लगे तो बुरी तरह फंसता देख धूलिया देहरादून छोड़कर बेंगलुरु भाग गया। कुछ दिन बेंगलुरु रहने के बाद मुंबई एवं मुंबई के बाद दिल्ली छुपते छुपाते रहने लगा। ज्ञात रहे कि अभियुक्त मृणाल धूलिया से संबंधित मुकदमे में डोईवाला वाले मुकदमे में मृत्युंजय मिश्रा जेल जा चुका है।