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अच्छी खबर: सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का शुभारंभ, लाभार्थियों को बांटे दुधारू पशु

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वी.पी.सिंह बिष्ट
देहरादून- सोमवार को  बहुप्रतिक्षित मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का विधिवत शुभारम्भ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा सहकारिता एवं दुग्ध विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ धन सिंह रावत की मौजूदगी में किया गया। राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना द्वारा वित्त पोषित गंगा गाय महिला डेयरी योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को दुधारू पशु वितरित कर योजना का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के नागल-बुलंदावाला, दुधली से किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोन महामारी से बेरोजगार हुए युवाओं एवं किसानों के लिए यह योजना वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना को दुग्ध विकास विभाग द्वारा अल्प समय में तैयार कर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को सर्वप्रथम धरातल पर उतारने का गौरव हासिल किया है। जो कि स्वरोजगार की दिशा में बड़ी सौगात है।
योजना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड देश पहला राज्य है जिसने कोरोना संक्रमण काल के दौरान बेरोजगारों के लिए स्वरोजगार योजनाएं बनाई गई। जिसके तहत उद्योग विभाग, सहकारिता, डेयरी विकास, कृषि, पर्यटन, ऊर्जा आदि विभागों द्वारा स्वरोजगार योजनाएं तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी विकास विभाग द्वारा दुधारू पशु वितरण की योजना को सबसे पहले धरातल पर उतार कर लीड हासिल की है। इसके लिए उन्होंने विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत और उनकी टीम की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि डाॅ. धन सिंह रावत की कार्यकुशलता के चलते ही यह योजना धरातल पर उतरी है। इस योजना की सरहाना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तभी पशुधन एंव दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो सकती है जब पशुओं का क्रय राज्य के बाहर से किया जाय। उन्होंने खुशी जताई कि पशुपालन विभाग द्वारा इस योजना के तहत जितनी भी गाय वितरित की जा रही है वह सब बाहरी राज्यों से क्रय की गई है।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की लाॅचिंग पर दुग्ध विकास एवं सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस योजना के तहत कुल 444.62 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसके तहत 5400 लाभार्थियों को 20 हजार दुधारू पशु वितरित किये जाने हैं। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 2800 लाभार्थियों को 10 हजार दुधारू पशु दिये जाने का लक्ष्य है। योजना के तहत 3 तथा 5 पशुओं की इकाई लाभार्थियों को दी जा रही है। तीन दुधारू पशुओं की इकाई लागत 2 लाख 46 हजार 500 जबकि 5 दुधारू पशुओं की इकाई लागत 4 लाख 7 हजार 250 निर्धारित है। जिसमें 10 प्रतिशत लाभार्थी का अंश तथा 25 प्रतिशत अनुदान की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है। इसके अलावा जिला योजना से भी अनुदान की व्यवस्था की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वर्तमान में सूचीबद्ध डेयरी फार्मों के माध्यम से विकासनगर और डोईवाला में पशु मेलों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बाहरी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से पशु विक्रेताओं को बुलाया गया है।

विभागीय सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि एनसीडीसी से वित्त पोषित इस योजना का उद्देश्य राज्य में पशुधन एवं दुग्ध उत्पादन की वृद्धि के साथ ही बेरोजगारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। इसी क्रम विभाग द्वारा राज्यभर में 500 आंचल मिल्क बूथ भी स्थापित किये जा रहे हैं। जिसमें राज्य सरकार द्वारा 20 फीसदी की छूट के साथ ही आंचल के उत्पादों के साथ ही अन्य नामी बेकरियों के उत्पाद बेचने की भी व्यवस्था की गई है। ताकि बेरोजगार युवा को रोजगार उपलब्ध हो सके। डेयरी विभाग के संयुक्त निदेशक जयदीप अरोड़ ने गंगा गाय महिला डेयरी योजना की विस्तरित जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के दुग्ध सहकारी समिति की महिला लाभार्थियों को एक गाय हेतु ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। जिसके तहत एक गाय की लागत रू. 52 हजार निर्धारित है। जिसमें 20 हजार बैंक ऋण, 27 हजार अनुदान एवं 5 हजार लाभार्थी अंश सम्मिलित है। जबकि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3 एवं 5 गाय की यूनिट दुग्ध समितियों से जुड़े सदस्यों तथा 50 गाय की व्यवसायिक यूनिट स्वयं सहायता समूहों को दी जायेगी।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के शुभारम्भ के अवसर पर तीन गाय की 06 यूनिट उत्तरकाशी के तिया थौलधार दुग्ध समिति के सदस्यों केशवानंद डोभाल, जयप्रकाश थपलियाल, युद्धवीर सिंह, जयेंद्र राणा, संजय थपलियाल आदि द्वारा क्रय की गई। जबकि गंगा गाय योजना के तहत एकल गाय की दो यूनिट देहरादून के काश्तकार प्रमिला देवी एवं वंदना देवी द्वारा क्रय की गई।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाॅचिंग अवसर पर राज्यमंत्री करन बोरा, खेम सिंह पाल, आईटी सलाहकार रविन्द्र पेटवाल, विशेषकार्याधिकारी मुख्यमंत्री धीरेंद्र सिंह पंवार, दुग्ध विकास सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक जीवन सिंह नगन्याल, संयुक्त निदेशक जयदीप अरोड़ा, भाजपा के जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, दुग्ध संघ देहरादून के अध्यक्ष विजय रमोला, दुग्ध संघ श्रीनगर के अध्यक्ष हरेंद्र पाल नेगी, दुग्ध संघ हरिद्वारा के अध्यक्ष रणवीर सिंह, प्रमुख डोईवाला भगवान सिंह सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व काश्तकार मौजूद थे।