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दुर्दशा: मात्र15 दिन ही खुलता है गांव का CHC, अधिकारी स्टाम्प पेपर पर मांगता है शिकायत

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इंद्रजीत सिंह असवाल
पौड़ी गढ़वाल :  सतपुली से मात्र दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित पुंडीर गांव का CHC महीने में केवल दस या पन्द्रह दिन ही खुला रहता है। बाकी दिनों में यहां ताला लटका रहता है। उस पर भी तुर्रा ये कि जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि गांव वाले अगर स्टांप पेपर पर लिखकर शिकायत दें, तभी वह कुछ कार्रवाई कर सकतेे हैं।  यहाँ के युवा सामाजिक कार्यकर्ता अनूप रौतेला का कहना है कि ग्रामीण जनता की कहीं सुुनवाई नहीं हो रही है, जबकि यह chc मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में आता है।अनूप रौतेला से जब मीडियाकर्मी  मिलने पहुंचे तो CHC बन्द थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि कल भी बन्द ही थी व फार्मेसिस्ट किसी हफ्ते में सोमवार को आता है और मंगल बुध को चला जाता है और किसी हफ्ते में शुक्रवार को आता है और शनिवार को चला जाता है। यही इसका आने जाने का समय है, जिसके चलते लोगों को छोटी सी बीमारी जैसे कि सर्दी, ज़ुकाम या बुखार तक के लिए सतपुली जाना पड़ता है।फार्मेसी के बाहर फार्मेसी का कोई बोर्ड नहीं लगा हुआ है। लोगों को कैसे पता चलेगा कहां पर फार्मेसी है ? अनूप रौतेला ने बताया कि जिस दिन भी फार्मेसिस्ट रहता है ज्यादातर ड्यूटी के समय  दारू पीकर गांव में या सड़क पर घूमता रहता है।इस पर मीडिया ने ज़हरीखाल के अस्पताल में स्थित इनके उच्च ऑफिसर डॉक्टर पांडे से पूछा तो उनका कहना था कि यदि ऐसा है तो गांव के लोग 10 रुपये के स्टाम्प पेपर में अपनी शिकायत दें तो ही हम कार्यवाही कर सकते हैं । तो क्या अब अपनी शिकायत स्टाम्प पेपर में देनी होगी ?
पहले ही स्वास्थ्य सेवाओं के कारण पहाड़ से  पलायन बदस्तूर जारी है। उसकी मुख्य वजह यही है कि पहाड़ों में कार्यरत कुछ कर्मचारी अक्सर शराब के नशे में पाए जाते हैं या फिर ड्यूटी से नदारद रहते हैं।