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​दुर्दशा: हादसोंको न्योता दे रहा है पुल, कभी भी अटक सकती हैं राहगीरों की सांसें…..

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इंद्रजीत सिंह असवाल

पौड़ी ( गढ़वाल )-विकासखण्ड रिखणीखाल और विकासखण्ड नैनीडांडा के गांवों को जोड़ने वाली मिलन की आस पैनों पट्टी व बूंगी पट्टी के सीमांत पर मंदाल नदी के बिजरगड्डी -फलिंडघाट निकट ढकरबट्टधार-खदरासी के बीच बने झूला पुल को कई वर्ष बीत गए हैं लेकिन आज यह अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अब तक इसका फसाना  यही रहा है कि इस पुल का सबने अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए उपयोग किया और फिर अपने हाल पर छोड़ दिया।कभी गांवों की पैदल आबादी को झेलने वाले इस पुल को सत्तर के दशक में बनाया गया था। उसके कुछ समय बाद बीच में मरम्मत का काम भी हुआ। मंदाल नदी पर बने कुछेक पुल जैसे बंजा देवी व झर्त पुल बाढ़ की भेंट भी चढ़े, लेकिन यह दोनों तरफ से पत्थर की चट्टान पर बना मजबूत खड़ा रहा। यह नीचे नदी की गहराई से अचंभित करने वाला है तथा नदी के जलस्तर से तीस फीट ऊंचा है। जिला परिषद के मार्ग पर अवस्थित इस पैदल पार पुल के अलावा खदरासी के बाद बिरण -चिलाऊं -ल्वींठिया सेरा के पास काली नदी का पुल भी इसी तरह जीर्ण-शीर्ण हालत में है।अंदरोली जिला पंचायत वार्ड के अधीन दोनों ही पुलों का अपना सामरिक महत्व है।ढांकरी इस पुल के पास तक कालागढ़ से सामान खरीद कर बैलगाड़ी में लाया करते थे।सन् सत्तर के दशक में स्थापित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खदरासी में पढ़ने वाले छात्रों,, अध्यापकों व नाते -रिश्तेदारी में जाने वाले ग्रामीणों के लिए यह पुल वरदान साबित होता रहा है। इस पुल से आज भी कांडा नाला तैड़िया, पांड, जवाड़ियूंरौल, रिखणीखाल के कई गांव लाभान्वित होते हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि ग्रामीणों ने दोनों तरफ लकड़ी के डंडे लगाकर पार करने का जुगाड़ किया है, लेकिन ज़रा भी पैर टेढ़े पड़ने मात्र से हादसा हो सकता है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य बिनीता देवी का कहना है कि समीपवर्ती गांव के लोग दवाइयां लेने भी राजकीय ऐलोपैथिक चिकित्सालय खदरासी आते हैं, साथ ही कुटाई- पिसाई कराने वाले और स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसी भयावह स्थिति में अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने को संकोच में रहते हैं। पुल की मरम्मत कराये जाने की प्रशासन से  कई बार गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों के लिए इस पर शीघ्र ही उच्चस्तरीय कार्रवाई अपेक्षित है। जिला पंचायत सदस्य अंदरोली अजीत सिंह बिष्ट का कहना है कि उक्त समस्या के संबंध में डीपीसी हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है। धनराशि अवमुक्त होते ही कार्य शुरू किया जायेगा।

(सौजन्य से छेत्र पंचायत सदस्य बिनीता देवी रिखणीखाल)