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स्मरण: 15 वीं पुण्यतिथि पर याद किए गए स्वैच्छिक चकबंदी आंदोलन के प्रणेता राजेंद्र सिंह रावत 

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संवाददाता
उत्तरकाशी, 26 मई। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में
स्वैच्छिक चकबन्दी आंदोलन के प्रणेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व.राजेंद्र सिंह रावत की 15 वीं पुण्यतिथि पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। इस अवसर पर ग्राम नारायणपूरी में स्थित स्मारक स्थल पर दिवंगत रावत की मूर्ति पर फूल मालाएं चढ़ा कर लोगों ने उन्हें श्रदांजलि देते हुए याद किया। इस अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने  स्व.रावत के द्वारा जनहित में किये गये कार्यों की सराहना करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया गया।

 वरिष्ठ पत्रकार  सुनील थपलियाल का कहना है कि कहते हैं कि कुछ लोग ज़मीन पर राज करते हैं और कु्छ लोग दिलों पर। स्वर्गीय राजेन्द्र सिंह रावत भी  एक ऐसी ही शख़्सियत थे, जिन्होंने ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी हुकूमत की।  भले  ही लोकप्रिय नेेता और समाज सेवी राजेंद्र सिंह रावत आज़ इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हमारे दिलों में वे आज भी ज़िंदा हैंं और हमेेशा  रहेेंगे।


 राजेन्द्र सिंह रावत का जन्म 6 जून 1952 को और निधन 25 मई 2006 को हुआ था। समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी स्व. रावत ने उत्तराखंड में स्वैच्छिक चकबन्दी का सपना देखा थाा। उसकी शुरुआत उन्होंने अपने गाँव व क्षेत्र से की थी।
उत्तराखंड में स्व. रावत को महत्वपूर्ण योगदान के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। उत्तरकाशी जिला पंचायत में ईमानदारी की मिशाल माने जाने वाले स्व. रावत  द्वारा कराए गए विकास कार्यों  को आज भी माना और देखा जाता है। यमुनाघाटी के लोगों ने सरकार से  उनकी पुण्यतिथि (25 मई) को ‘स्वैच्छिक चकबन्दी दिवस’ के रूप में मनाये जाने की मांग की है।
स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले स्व. राजेन्द्र सिंह रावत की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित  विचार गोष्ठी में   स्व.रावत के कार्यों व उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प भी लिया गया। गोष्ठी में ग्राम प्रधान नितिन रावत, पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह रावत, जगवीर पंवार, श्रीमती भजनी रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद रावत, आदित्य रावत, चित्रमोहन रावत, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय पंवार, खजान सिंह असवाल , राकेश रावत, चन्द्र सिंह, रणवीर सिंह राणा, जयवीर राणा, वीरेंद्र राणा, प्रवेश रावत,भरत सिंह, सीमा चौहान, पुष्पा रमोला, संगीता रावत, अक्षत रावत, नैना रावत, मयंक, प्रद्युमन, रोहित व प्रह्लाद आदि के अलावा भारी संख्या में स्थानीय  लोग मौजूद थे ।