Home उत्तराखंड टकराव: उत्तेजित किसानों को दिल्ली जाने से नहीं रोक पाया पुलिस प्रशासन

टकराव: उत्तेजित किसानों को दिल्ली जाने से नहीं रोक पाया पुलिस प्रशासन

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पुलिस के साथ झड़प, चलते ट्रैक्टर को रोकने के प्रयास में  दो पुलिसकर्मी घायल
सुशील खत्री
ऊधमसिंहनगर, 26 दिसंबर। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे जिले के किसानों को रोकने में पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गये। किसानों के सैलाब को नियंत्रित करने में पुलिस बल के पसीने छूट गये। उधर काशीपुर में परमानंदपुर गांव के पास आंदोलन में किसानों को रोकने गई पुलिस की किसानों के साथ धक्कामुक्की हुई। आगे बढ़ रहे ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश में पुलिस वाले ट्रैक्टरों के आगे आ गये। ऐसे में  है कई बार ट्रैक्टर पुलिसकर्मियों पर चढ़ते चढ़ते बचे।  पुलिस ने किसानों पर उनके ऊपर वाहन चढ़ाने की  कोशिश करने का आरोप लगाया है। हालांकि  पुलिस अधिकारियों ने अभी कोई मामला दर्ज नहीं किया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि एक एसएसआई समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
किसानों ने कई जगह बैरिकेडिंग हटा दी। कुछ स्थानों पर पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए किसान आगे निकल गये। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद से लगती सीमा पर लगाये गये बैरिकेड तोड़कर किसान दिल्ली को कूच कर गए । यहाँ पुलिस और किसानों के बीच जमकर तीखी नोंकझोंक भी हुई। जसपुर के हल्दुआ गांव टोल प्लाजा पर पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान बैरिकेड हटाकर वहां से रवाना हो गए।
जिले के रुद्रपुर, खटीमा, सितारगंज, जसपुर व बाजपुर से निकले किसानों के भारी सैलाब के आगे पुलिस बेबस नजर आयी। उग्र हुए आंदोलनकारी किसानों ने पुलिस का घेरा तोड़ा और आगे रवाना हो गए।
गौरतलब है कि सैकड़ों की संख्या में किसान दिल्ली सिख गुरद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष और शिरोमणि अकाली दल के सदस्य मनजिंदर सिंह सिरसा और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में दोराहा रोड स्थित एक मैरिज पैलेस में एकत्र हुए । उसके बाद किसान विशाल जुलूस निकालते हुए दोराहा बाॅर्डर पर पहुंचे जहां किसानों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई बेरिकेडिंग को किसानो ने ट्रैक्टर से तोड़कर नष्ट कर दिया जिसके बाद किसान पुलिस के साथ धक्कामुक्की करते हुए दिल्ली रवाना हो गए।
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करवाई है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।