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दहशत: जंगली भालू के हमले में युवक गंभीर रूप से घायल, बकरियां चराने गया था जंगल

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देवेश आदमी की रिपोर्ट-
 रिखणीखाल, 08 जून। कोरोना संकट से जूझ रहे उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जंगली जानवरों के हमले भी बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार की सुबह गढ़वाल जनपद के रिखणीखाल क्षेत्र में एक युवक जंगली भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया, एम्स ऋषिकेश में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। जानकारी के अनुसार,
 क्षेत्र के ग्राम टकोलीखाल निवासी जिंतेंद्र सिंह बिष्ट पुत्र बलबीर सिंह बिष्ट (उम्र 28 वर्ष)  पर मंगलवार को एक जंगली भालू ने उस वक्त जानलेवा हमला कर दिया जब वह प्रातः लगभग 8 बजे जंगल में बकरियां चुगाने गया था। इस हमले में जितेंद्र सिंह बिष्ट बुरी तरह घायल हो गया। करीब 10 बजे पिंकू नामक गांव का एक अन्य युवक उसी  जंगल में बकरियां चुगाने पहुंचा तो भालू को घायल पड़े जिंतेंद्र के पास बैठे देखा। इस से साफ हो गया कि जितेंद्र सिंह बिष्ट पर हमला भालू ने ही किया है। घटनास्थल का नजारा देखने के बाद पिंकू घबरा गया और उसने हड़बड़ा कर ग्रामीणों को फोन पर सूचित किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण तुरंत घायल जिंतेंद्र सिंह को डोली की मदद से सड़क तक लाये। वहां से घायल को रिखणीखाल हॉस्पिटल उपचार हेतु भिजवाया गया। लेकिन रिखणीखाल चिकित्सा केन्द्र में उपचार नहीं मिला तो उसे  3 बजे के लगभग कोटद्वार के सरकारी अस्पताल के लिए रैफर किया गया। घायल की हालत गंभीर देखते हुए उसे  वहां से ऋषिकेश AIIMS के लिए रैफर कर दिया गया। पहाड़ों में आये दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं जिस में जंगली जानवरों द्वारा लोगों पर हमला किया जाता है। क्षेत्र में उपचार नहीं मिलने पर अधिकांश मरीज दम तोड़ देते हैं। परिजनों के अनुसार, घायल जिंतेंद्र सिंह बिष्ट की स्थिति अधिक खून बहने व समय पर उपचार न मिलने की वजह से बहुत गम्भीर बनी हुई है। गौरतलब है कि रिखणीखाल चिकित्सा केन्द्र मात्र रैफर सेंटर बन कर रह गया है। उपचार के नाम पर मरीज को में आश्वासन भी नहीं मिलता। बड़े-बड़े दावे धरे के धरे रह जाते हैं। रिखणीखाल हॉस्पिटल के चिकित्सक गण हर मामले में अपना पल्ला झाड़ कर ज़िम्मेदार पूरी कर लेते हैं।