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दर्दनाक: खेत में चारा लेने गई महिला को हाथी ने पटक कर मार डाला

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संवाददाता
रामनगर, 30 सितंबर। उत्तराखंड में मानव और वन्य जीवों के बीच संघर्ष का सिलसिला लगातार जारी है। जंगली जानवर आये दिन रिहायशी इलाकों में घुस कर लोगों पर जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं या फिर मौत के घाट उतार दे रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले में पिछले दिनों एक शख्स को घायल करने और दो लोगों को अपना शिकार बना लेने वाले आदमखोर गुलदार को आज बुधवार तड़के शिकारी ने मार गिराया। इसी दौरान एक ग्रामीण महिला को हाथी द्वारा पटक पटक कर मार दिए जाने की दुखद खबर आई है। मामला तराई भाबर के कोटाबाग क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि वहां के जाला गांव में आज एक दर्दनाक घटना घटी।  गांव में घास लेने खेत पर गई एक अधेड़ महिला को हाथी ने पटक कर मार डाला। घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ बहुत आक्रोश है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन जंगली जानवरों द्वारा किए जा रहे हमलों से लोगों की मौत हो रही है लेकिन वन विभाग सिर्फ मुआवजा देकर मामले में इतिश्री कर लेता है। उनका आरोप है कि लोगों की अमूल्य जिंदगी इन जंगली जानवरों के द्वारा खत्म कर दी जा रही है। लेकिन वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
 घटना के बारे में बताया गया है कि कोटाबाग के जाला गांव में बिश्ना देवी 55 वर्ष पत्नी जसवंत सिंह अपने गांव में कुछ अन्य महिलाओं के साथ घास लेने के लिए खेतों में गई थी। वहां हाथी ने उस पर अचानक हमला बोल दिया और उसे वहीं पर पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह देेेख कर साथ में गई महिलाओं ने वहां से भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई और घर पहुंच कर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इस के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने  बिश्ना देवी को गंभीर हालत में पड़़ा देेखा। आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल बिश्ना देवी को कोटाबाग के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर देवेश चौहान ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कोटाबाग ब्लॉक में विगत 3 महीनों में इस तरह की तीन घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 3 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें से एक बालिका थी जिसे गुलदार ने घात लगाकर मार डाला था। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जंगल और गांव की सीमा के बीच गहरी खाई खोदी जाएगी ताकि हाथी गांव में प्रवेश न कर सकें। उन्होंने ग्रामीणों को विभाग से मृतका को शीघ्र ही मुआवजा दिलाने का ग्रामीणों को भरोसा दिलाया।