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स्मरण: 10 वीं पुण्यतिथि पर कुमाऊं यूनिवर्सिटी का नाम शिक्षापुरुष प्रताप भैय्या के नाम पर करने की मांग

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संवाददाता

नैनीताल- अलग अलग क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों ने प्रख्यात शिक्षाविद, समाजवादी चिंतक एवं अविभाजित यूपी में स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री रहे प्रताप भैय्या की 10 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांंजलि अर्पित की। वेबिनार की शक्ल में आयोजित एक कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक सुर में इस बात पर जोर दिया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय को प्रताप भैय्या के नाम से जोड़ा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके बहुआयामी व प्रेरक व्यक्तित्व से प्रेरणा और मार्गदर्शन ले सके। स्वर्गीय प्रताप भैय्या के व्यक्तित्व व कृतित्व पर रोशनी डालते हुए वक्ताओं ने इस बात पर दुःख जताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतिविशिष्ट योगदान को देखते हुए अलग राज्य गठन के बाद अब तक किसी भी सरकार ने उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं दिया। वक्ताओं ने बिना किसी लागलपेट के जोरदार ढंग से मांग उठाई कि कुमाऊं विश्वविद्यालय का नाम दिवंगत प्रताप भैय्या ( वास्तविक नाम प्रताप सिंह बोरा ) के नाम पर रखा जाए। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

इसके साथ ही वक्ताओं ने मांग की कि प्रताप भैय्या के सामाजिक, राजनैतिक व शैक्षिक पक्षों को विद्यालयों व कॉलेजों में पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। वेबिनार कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सुप्रीम कोर्ट के निवर्तमान न्यायमूर्ति एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य पी सी पंत, प्रख्यात कथाकार एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मण सिंह बिष्ट ‘बटरोही’, प्रसिद्ध विज्ञान कथा लेखक देवेन मेवाड़ी, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन प्रो. डी.एस.रावत, पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल, प्रो. महेंद्र सिंह राणा के अलावा एडवोकेट, डॉक्टर्स एवं सोशल एक्टिविस्ट शामिल हुए। वेबिनार का संचालन आचार्य नरेंद्रदेव शिक्षा निधि की निदेशक प्रो. नीता बोरा ने किया जबकि तकनीकी संचालन उत्कर्ष बोरा ने किया।